यूपी में सरकारी नौकरी पाने का एक और मौका, भरे जाएंगे 545 पद
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कोषागारों में एकाउंटेंट के रिक्त 545 पदों को असिस्टेंट एकाउंटेंट मानकर भरने की तैयारी है। कोषागार निदेशालय ने शासन को यह प्रस्ताव भेज दिया है। इन पदों पर भर्ती की कार्यवाही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को करनी है।
प्रदेश के कोषागार मैनपॉवर के संकट से जूझ रहे हैं। इनमें एकाउंटेंट के करीब 1000 पदों में से 545 रिक्त चल रहे हैं। इसकी वजह से एक-एक अधिकारी के पास कई-कई पटल के काम होते हैं। इससे कर्मियों पर काम का बोझ दिनों दिन बढ़ता जाता है।
अधिकारी बताते हैं कि कोषागारों के कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए कई इनोवेटिव पहल के प्रस्ताव हैं, लेकिन मैनपॉवर की कमी हर जगह आड़े आ जाती है। इन रिक्तियों को पूरी तरह से सालों से न भर पाने के पीछे की मुख्य वजह शतप्रतिशत पदों का पदोन्नतियों से भरने की व्यवस्था है।
अधिकारी बताते हैं कि लंबे समय से काफी संख्या में असिस्टेंट एकाउंटेंट के पद भी रिक्त चल रहे हैं। जब असिस्टेंट एकाउंटेंट पदोन्नत होंगे, तभी एकाउंटेंट के पद भर पाएंगे। ऐसे में यह कमी हमेशा बनी रहती है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोषागार निदेशालय ने एकाउंटेंट के रिक्त सभी 545 पदों को असिस्टेंट एकाउंटेंट मानकर भर्ती करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
यहां देखें, इस तरह होता है प्रमोशन
निदेशक कोषागार लोरिक यादव ने बताया कि असिस्टेंट एकाउंटेंट के पदों पर पर्याप्त अधिकारी होने पर एकाउंटेंट के पदों पर समय से पदोन्नतियां संभव हैं। असिस्टेंट एकाउंटेंट के पद पर तीन साल की सेवा के बाद एकाउंटेंट के रूप में पदोन्नति दी जा सकती है।
यदि सहायक एकाउंटेंट ही नहीं रहेंगे तो एकाउंटेंट की कमी कभी भी पूरी नहीं हो पाएगी। यादव ने बताया कि वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से अनुमति मिलने पर इन पदों पर भर्ती की कार्यवाही शुरू हो सकेगी।
असिस्टेंट एकाउंटेंट के 306 पदों की कमी दूर
कोषागारों में असिस्टेंट एकाउंटेंट के 340 पदों में से 324 खाली चल रहे थे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इन पदों पर भर्ती की कार्यवाही पूरी कर चयनित अभ्यर्थियों का नाम कोषागार निदेशक को उपलब्ध करा दिया है।
निदेशक कोषागार लोरिक यादव ने बताया कि इनमें 18 पदों पर नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बाकी 306 पदों पर चयनित कर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। अब इन्हें जिलों में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके बाद ये कामकाज संभाल लेंगे। इससे कोषागारों का कामकाज सहज तरीके से हो सकेगा।