फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Governor Anandi Ben Patel in convocation day of khwaja moinuddin chisti Urdu Arabi Farsi university

दीक्षांत समारोह में यूपी की राज्यपाल ने दिया सुझाव, बदला जाएगा ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती विवि का नाम

Thu, 21 Nov 2019 06:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 21 Nov 2019 06:46 PM IST
विज्ञापन
Governor Anandi Ben Patel in convocation day of khwaja moinuddin chisti Urdu Arabi Farsi university
छात्रों को डिग्री प्रदान करतीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। - फोटो : amar ujala

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय का नाम बदलने का सुझाव दिया है। उनके अनुसार विवि में सभी विषयों की पढ़ाई होती है। इसके नाम में सिर्फ तीन भाषाओं का नाम जुड़ा होने पर लोगों को इससे गलतफहमी होती है। इसलिए इसके विकास के लिए जरूरी है कि इसका नाम सिर्फ ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय हो। उन्होंने इसके लिए उच्च-शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को इस पर विचार करने के लिए कहा है।

विज्ञापन


राज्यपाल बृहस्पतिवार को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। समारोह में कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा ने बताया कि विवि में इंजीनियरिंग से लेकर प्रबंधन तथा अन्य विषयों की पढ़ाई होती है। इस पर राज्यपाल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि यहां पर हर विषय की पढ़ाई होती है।
विज्ञापन


इसका नाम सुनकर लोगों को यह शंका होती है कि विश्वविद्यालय केवल तीन भाषाओं की पढ़ाई ही कराता है। इसलिए बेहतर होगा कि इसका नाम बदलकर केवल ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय कर दिया जाये। राज्यपाल विवि के चौथे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रही थीं। इस मौके पर उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस विवि की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

डिग्री और मेडल पाने वाले विद्यार्थियों को दी यह सीख

Governor Anandi Ben Patel in convocation day of khwaja moinuddin chisti Urdu Arabi Farsi university
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : amar ujala

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डिग्री और मेडल पाने वाले विद्यार्थियों को सीख देते हुए कहा कि सिर्फ डिग्री लेने भर से कुछ नहीं होता है। करुणा, दया, मानवता और प्रेम जैसे गुणों से ही जीवन बनता है। इसलिए दीक्षांत के बाद डिग्री के साथ यह संकल्प भी लेकर जाएं कि इन गुणों को आत्मसात करना है। इस मौके पर मेधावियों को डिग्री और पदक देने के साथ ही डॉ. सईदुर रहमान आजमी और डॉ. इंद्रेश कुमार को डी.लिट् तथा मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी और स्वामी सारंग मोहिले को पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की गई।

राज्यपाल ने कहा कि हमारी शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे लोग अच्छी बातें सीखें। समाज में हत्या, अपहरण जैसे कई अपराध हो रहे हैं। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि इन लोगों को भी पता चले कि यह गलत है और वे इससे दूर रहें।

समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं होता है। दीक्षांत के बाद समाज को देने की प्रक्रिया शुरू होती है। उन्होंने विवि में तकनीकी शिक्षा की तारीफ की तथा उम्मीद जताई कि जल्द ही यह विवि प्रदेश के नामी विश्वविद्यालयों में गिना जाएगा।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अम्मार रिजवी ने कहा कि दीक्षांत समारोह की खास बात यह है कि मंच पर जितने भी लोग बैठे हैं वे सभी पेशे से शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि वे दीक्षांत में डिग्री लेने का सुख महसूस कर सकते है। तीन बार मानद उपाधि मिलने के बावजूद उन्हें सबसे ज्यादा खुशी अपनी बीए की डिग्री लेते हुए हुई थी।

सभी छात्राओं का हो स्वास्थ्य परीक्षण

Governor Anandi Ben Patel in convocation day of khwaja moinuddin chisti Urdu Arabi Farsi university
दीक्षांत समारोह में मेडल व डिग्री लेने के बाद विद्यार्थी। - फोटो : amar ujala

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत में काफी संख्या में महिलाएं और बेटियां एनीमिया से ग्रसित हैं। एक संस्थान में जब छात्राओं के रक्त की जांच की गई तो पता चला कि उनमें से आधी एनीमिया से पीड़ित हैं। उन्होंने विवि के कुलपति को निर्देश दिया कि विवि की सभी छात्राओं के खून की जांच की जाये। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने राजभवन भेजने का निर्देश दिया।

राज्यपाल ने कहा दीक्षांत के बाद गोद लिए हुए गांवों का होगा निरीक्षण
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी विश्वविद्यालयों को पांच-पांच गांव गोद लेने का निर्देश दे रखा है। दीक्षांत समारोह से पहले सभी विश्वविद्यालयों ने राज्यपाल को गोद लिये हुए गांवों के नाम उपलब्ध करा दिये हैं। राज्यपाल ने कहा है कि वे केवल गांवों के नाम से संतुष्ट नहीं होंगी।

दीक्षांत समारोह के बाद वे इन गांवों का निरीक्षण करके इस बात का आकलन करेंगी कि गोद लेने के बाद इनमें क्या सुधार हुआ है। उनके अनुसार अगर विवि पांच और कॉलेज एक-एक गांव गोद ले लें तो फिर वहां की सूरत बदल जाएगी।

जब छूटी हंसी की फुहार...

Governor Anandi Ben Patel in convocation day of khwaja moinuddin chisti Urdu Arabi Farsi university
मानद उपाधि प्राप्त करते मौलाना कल्बे जव्वाद। - फोटो : amar ujala
दीक्षांत समारोह में उस समय हंसी की फुहार छूट गई जब राज्यपाल ने मानद उपाधि पाने वाले शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद को बधाई देने के लिए उनका नाम पुकारा। राज्यपाल ने शिया धर्मगुरु का नाम मौलाना कत्ले जल्लाद पढ़ दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने वही नाम पढ़ा है जो लिखा हुआ है।

वाद्ययंत्र तलाश रहा था...
दीक्षांत समारोह में पहली बार विश्वविद्यालय का तराना और कुलगीत पेश किया गया। कंप्यूटर साइंस विभाग के डॉ. मजहर खालिक ने मुंह से वाद्ययंत्र की आवाज निकालकर तराना और कुलगीत गाने में संगत दी। बाद में डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि वे इतनी से देर से यह देख रहे थे कि यह वाद्ययंत्र कहां रखा हुआ है। दीक्षांत समारोह के बाद डॉ. मजहर खालिक के साथ ही डॉ. तनु डंग तथा डॉ. दोआ नकवी को विवि की तरफ से प्रशस्तिपत्र दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed