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करोड़ों रुपये से महिलाओं के लिए 'सेफ सिटी' बनेगा लखनऊ, मिलेंगी ये सुविधाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:56 AM IST
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लखनऊ को महिलाओं के लिए ‘सेफ सिटी’ बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट दिया है। सोमवार को अनुपूरक बजट में इसकी घोषणा की गई।
केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्रालय के सेफ सिटी प्रोजेक्ट में लखनऊ को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 195 करोड़ रु पये खर्च किए जाने हैं। प्रोजेक्ट के मुताबिक लखनऊ में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की साइबर और फॉरेंसिंक जांच के संसाधन बेहतर करने पर काम विशेष रूप से होना है।
इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल बढ़ाने, हॉकर्स, दुकानदारों, वेटर्स को भी जागरूक कर सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों और अंदर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट, महिलाओं के लिए विशेष टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में महिलाओं के लिए मोबाइल एप और इमरजेंसी पैनिक बटन जैसी तकनीक का उपयोग भी बढ़ाया जाना है।
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केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्रालय के सेफ सिटी प्रोजेक्ट में लखनऊ को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 195 करोड़ रु पये खर्च किए जाने हैं। प्रोजेक्ट के मुताबिक लखनऊ में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की साइबर और फॉरेंसिंक जांच के संसाधन बेहतर करने पर काम विशेष रूप से होना है।
इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल बढ़ाने, हॉकर्स, दुकानदारों, वेटर्स को भी जागरूक कर सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों और अंदर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट, महिलाओं के लिए विशेष टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।
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इस प्रोजेक्ट में महिलाओं के लिए मोबाइल एप और इमरजेंसी पैनिक बटन जैसी तकनीक का उपयोग भी बढ़ाया जाना है।
विज्ञान महोत्सव के लिए भी एक करोड़ रुपये
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वहीं पांच से आठ अक्तूबर तक प्रस्तावित भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-2018 के लिए अनुपूरक बजट में एक करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आयोजन इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में होना है।
यह बजट विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को मिलेगा। इसके अलावा यूपी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर में ई-ऑफिस लागू करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं, पुनर्रीक्षित वेतन के भुगतान के लिए भी 1.53 करोड़ रुपये का बजट संस्थान को मिला है।
यह बजट विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को मिलेगा। इसके अलावा यूपी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर में ई-ऑफिस लागू करने के लिए 40 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं, पुनर्रीक्षित वेतन के भुगतान के लिए भी 1.53 करोड़ रुपये का बजट संस्थान को मिला है।