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कोरोना इफेक्ट ः निजी स्कूलों में सूखा, सरकारी में बंपर दाखिले, बंदी करनी पड़ी एडमिशन विंडो

Fri, 08 Oct 2021 01:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 01:39 AM IST
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Government colleges close admission window
सरकारी कॉलेज और एडेड कॉलेजों में टूटा दाखिले का रिकॉर्ड। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
अभिषेक सिंह
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कोरोना में निजी कॉलेजों में चौपट हुई पढ़ाई और फीस वसूली के चलते अभिभावकों ने यूपी बोर्ड के सरकारी और एडेड कॉलेजों का रुख किया है। इसका नतीजा है कि बंपर दाखिलों से बड़े कॉलेजों को एडमिशन विंडो बंद कर छात्रों को लौटाना पड़ रहा है।
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि निजी कॉलेज और वित्तविहीन कॉलेजों में पढ़ाई तो नहीं हुई, लेकिन फीस जमकर वसूली जा रही है।
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कालीचरण इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महेंद्र नाथ राय ने बताया कि कोरोना की चुनौती को स्वीकार करते हुए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी। फीस छात्रों से ली नहीं जाती, इसे देखते हुए इस बार काफी दाखिले हुए।
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अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एसएल मिश्रा ने बताया कि पूरे कोरोना में मध्य वर्ग के निजी कॉलेजों और वित्तविहीन स्कूलों ने शिक्षकों को वेतन नहीं दिया। नौकरी से निकाल दिया गया। इस सत्र में वे फीस मांगने लगे तो छात्रों ने हमारे यहां दाखिला का अंबार लग गया।
कुछ यही हाल जीजीआईसी सरोसा भरोसा, जीजीआईसी सिंगार नगर, जीजीआईसी विकास नगर का भी है, जहां छात्राओं को दाखिले के लिए न कहना पड़ रहा है।
कालीचरण में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
तमाम विवादों से घिरे कालीचरण इंटर कॉलेज में इस बार पिछले दस साल का रिकॉर्ड टूटा है। कॉलेज में भू-विवाद के चलते इंटर कॉलेज की परिधि सिमट गई है। वर्षों से एक भी कक्षा का निर्माण नहीं हुआ। इस बार करीब ढाई हजार छात्रों ने दाखिला लिया है। अकेले हाईस्कूल व इंटर में छात्रों की संख्या 1344 को पार कर गई है। हाईस्कूल में 848 और इंटर में 496 छात्रों के दाखिले हुए हैं। जबकि प्राथमिक और जूनियर कक्षाओं में 1100 से ज्यादा छात्रों के दाखिले हुए हैं। प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र नाथ राय ने बताया कि जब उन्होंने 2010 अप्रैल में प्रिंसिपल का पद संभाला तब महज 219 छात्र थे। कॉलेज में 21 कक्षाएं हैं। जो अब कम पड़ गई हैं। दो शिफ्टों के बावजूद छात्रों को लौटाना पड़ रहा है। यदि कक्षाओं की संख्या बढ़ाई गई होती तो दाखिले का आंकड़ा तीन हजार भी पार कर गया होता। उन्होंने बताया कि इस बार शहर के तीन सबसे बड़े कॉलेज राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, अमीनाबाद इंटर कॉलेज और नेशनल इंटर कॉलेज को भी पछाड़ दिया है।

छह से 12 तक में 1300 दाखिले
अमीनाबाद इंटर कॉलेज में कक्षा छह से 12 तक में इस बार 1300 छात्रों के दाखिले हुए हैं। गत सत्र में 1250 छात्र पंजीकृत थे। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में कक्ष छह से 12 में इस बार 1376 छात्रों के दाखिले हुए हैं। कक्षा 11 व 12 में 715 और कक्षा 6 से 10 में 661 छात्रों ने दाखिला लिया। गत सत्र में छात्रों की संख्या 1270 थी।
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