शराब पर विशेष शुल्क लगाकर गोवंश का संरक्षण करेगी योगी सरकार, कैबिनेट ने दी मंजूरी
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने गोवंश संरक्षण के लिए शराब पर अलग-अलग तरह से गोवंश कल्याण सेस वसूलने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इससे 165 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। यह रकम निराश्रित व बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण पर खर्च की जाएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन के संबंध में जिलाधिकारियों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं।
आबकारी विभाग इससे जुड़ी व्यवस्था में सहयोग के लिए स्पेशल फीस वसूलेगा। इस संबंध में व्यवस्था तय कर दी गई है। इकाइयों की बॉटलिंग क्षमता में जैसे-जैसे विस्तार होगा, स्पेशल फीस की रकम बढ़ती जाएगी।
इस तरह वसूली जाएगी स्पेशल फीस
- प्रदेश में स्थापित डिस्टिलरियों में विदेशी मदिरा (इकोनॉमी श्रेणी को छोड़कर)/बीयर की बोतल भराई पर 1 से 3 रुपये प्रति बोतल तक।
- प्रदेश की इकाइयों में बनने वाली शराब/बीयर की आयात परमिट फीस के अलावा 50 पैसे से 2 रुपये प्रति बोतल तक।
- होटल व बार रेस्टोरेंट में विदेशी मदिरा के उपभोग पर 10 रुपये प्रति बोतल तथा बीयर के उपभोग पर 5 रुपये प्रति बोतल की दर से।