जल्द होगी 4000 सरकारी वकीलों की नियुक्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए जल्दी ही रास्ता खुलेगा। रविवार को प्रदेश के महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने यह आश्वासन दिया।
वह पीडब्ल्यूडी भवन के विश्वेश्वरैया हाल में आयोजित अखिल भारतीय अल्पसंख्यक अधिवक्ता एसोसिएशन के 15वें वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, गलत नियुक्ति पर कोर्ट में फैसला सुरक्षित रखा गया है लेकिन मुझे आशा है कि यह अधिवक्ताओं के हित में होगा। इससे यूपी में करीब 4000 शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति जल्द ही संभव हो पाएगी।
महाधिवक्ता ने कहा कि शासकीय अधिवक्ता की नियुक्ति के समय अल्पसंख्यकों को उनका हक मिल रहा है या नहीं इस पर जिले के डीएम को गौर करना चाहिए।
देखें, लिस्ट में कितने हैं अल्पसंख्यक
विजय कुमार सिंह ने यह भी कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं की सूची बनाते समय यह ध्यान रखा जाए कि उसमें अल्पसंख्यक वर्ग से कितने नाम हैं? वकीलों को खुद यह महसूस होगा कि वर्तमान सरकार ने उनके हित में जितने काम किए उतने कभी नहीं हुए।
उन्होंने न्यायिक कार्य में उर्दू को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके लिए एसोसिएशन एक कोर कमेटी बनाकर काम करे। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता गौरव भाटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।
उन्होंने कहा, हर तहसील में अधिवक्ताओं के लिए शेड बनाए गए हैं। उनकी समस्याएं दूर करने के लिए प्रयास जारी हैं। कोई भी जरूरत होने पर अधिवक्ता उनसे सीधे मिल सकते हैं। एसोसिएशन के कार्यालय की समस्या पर उन्होंने कहा, मुझे आशा है कि कार्यालय का आवंटन शीघ्र हो जाएगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता उत्तराखंड हाईकोर्ट की एडवोकेट रजिया बेग ने की। इस मौके पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निजाम खां, राष्ट्रीय महासचिव साबिर अब्बास, सेंट्रल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरके मिश्रा, एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मसूद अली मस्सू व पूर्व मंत्री इदरीश अहमद मौजूद रहे।