बिजलीः यूपी के 60 लाख लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी
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यूपी के 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अगर वे स्वीकृत लोड से 75 फीसदी या उससे कम बिजली खर्च करते हैं तो उन्हें 75 फीसदी ही फिक्स चार्ज देना होगा। यह फायदा 10 किलोवाट से कम भार वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा। पहले उन्हें फिक्स चार्ज पूरा देना पड़ता था।
फिर चाहे वे बिजली का कितना भी कम इस्तेमाल करें। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बृहस्पतिवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनाते हुए संशोधन आदेश जारी कर दिया।
उपभोक्ता परिषद ने 2015-16 के टैरिफ ऑर्डर के खिलाफ दायर प्रत्यावेदन में 75 फीसदी या उससे कम लोड पर फिक्स चार्ज में मिलने वाली छूट खत्म किए जाने पर आपत्ति उठाई थी।
आदेश्ा के मुताबिक, मौजूदा समय में स्वीकृत भार पर वसूले जा रहे फिक्स चार्ज के स्थान पर अब जिन उपभोक्ताओं के मीटर में स्वीकृत भार का 75 प्रतिशत या उससे कम अंकित होता है, उनसे 75 प्रतिशत के हिसाब से ही फिक्स चार्ज वसूला जाएगा।
जारी हुआ यह आदेश
आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा और सदस्य आईबी पांडेय ने टैरिफ आर्डर पर यह स्पष्टीकरण आदेश जारी किया। इस मुद्दे पर आयोग ने बुधवार को पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल समेत अन्य अधिकारियों के साथ लंबी मंत्रणा की थी। बृहस्पतिवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया।
इधर विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा। 2014-15 के टैरिफ ऑर्डर में यह प्रावधान था किंतु पावर कॉर्पोरेशन ने इसे समाप्त कर दिया था।
वहीं फिक्स चार्ज को भी 75 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 90 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया था। वर्मा ने आयोग के चेयरमैन से मिलकर दरों में और राहत देने तथा फि क्स चार्ज पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई। चेयरमैन ने इस पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया है।
ऐसे मिलेगा लाभ
वर्तमान में बिलिंग एजेंसियां मीटर में अंकित कम लोड को बिल में दर्ज नहीं करती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। आयोग ने अपने नए आदेश में यह सुविधा दे दी है कि उपभोक्ता अपने मीटर में दर्ज होने वाले न्यूनतम भार की फोटो मोबाइल या अन्य तरीके से खींचकर बिलिंग काउंटर पर सुबूत के तौर पर पेश कर सकता है। इसके आधार पर उसे बिल में छूट मिलेगी।