इंजीनियर के ठिकानों पर मिला लाखों रुपए का सोना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आय से अधिक संपत्ति के आरोप में घिरे पॉवर कार्पोरेशन के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के लखनऊ, मेरठ व मुजफ्फरनगर स्थित ठिकानों पर छापामार कर सतर्कता अधिष्ठान से लाखों की संपत्ति की जानकारी बटोरी है। इनके यहां से संपत्तियों के दस्तावेजों के अलावा डेढ़ किलो चांदी और लाखों का सोना बरामद हुआ है। छापे की कार्रवाई देर शाम तक जारी थी।
आरपी सिंह कुछ दिनों पहले तक अधीक्षण अभियंता थे, पर अदालत के आदेश से रिवर्ट होने वालों में उनका भी नाम शामिल था और उन्हें अधिशासी अभियंता बना दिया गया था और आगरा में तैनाती दी गई थी।
हालांकि, उन्होंने अभी आगरा में ज्वॉयन नहीं किया है। आरपी सिंह कुछ अरसा पहले शुरू हुए आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष भी हैं। छापामारी के दौरान उनके अलग-अलग ठिकानों से विजिलेंस को इस समिति से संबंधित कई दस्तावेज भी मिले हैं।
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन ने आरपी सिंह के आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के आदेश दिए थे। अदालत से सर्च वारंट लेकर आरपी सिंह के तीनों ठिकानों पर एक साथ छापामारी की गई।
जहां मेरठ के मंगल पांडेय मार्ग स्थित आवास व मुजफ्फरनगर के आवास में विजिलेंस की टीमों ने छानबीन की वहीं लखनऊ में डालीबाग हाईडिल कालोनी स्थित सरकार आवास पर छापामारी के लिए विजिलेंस के साथ ही एक सीओ व एसडीएम भी मौजूद थे।
इंजीनियर के घर पर मिली लाखों की गोल्ड ज्वैलरी
जांच अधिकारियों ने बताया कि मेरठ स्थित आवास डेढ़ किलो से अधिक चांदी और लगभग 50 तोला से अधिक सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा मेरठ व मुजफ्फरनगर दोनों ही जगहों से संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। लखनऊ स्थित आवास से संपत्ति से संबंधित कुछ दस्तावेज होने की सूचना है।
विजिलेंस के अफसरों के अनुसार छापामारी की कार्रवाई अदालत से अनुमति लेकर की गई। जो भी सामान बरामद हुआ, उसकी सूची तैयार की जा रही है, जिसकी एक प्रति आरोपी अधिकारी को भी दी जाएगी और बरामद सामान की सूची पर गवाह के हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे। इस सबकी जानकारी अदालत को दी जाएगी।
छापामारी के दौरान विजिलेंस को अभियंता के कई बैंक खातों व लॉकरों के बारे में जानकारी मिली है। विजिलेंस की टीमें बुधवार से इन लाकरों की पड़ताल शुरू कर करेंगी। इसके अलावा उनके बैंक खातों के लेन-देन की भी जांच की जाएग़ी।