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Lucknow News: जीसीआरजी इंस्टीट्यूट में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से छात्रा झुलसी
Wed, 19 Jun 2024 05:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 19 Jun 2024 05:56 AM IST
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बख्शी का तालाब। जीसीआरजी इंस्टीट्यूट प्रबंधन में 12वीं की छात्रा बीते रविवार को कैंपस में आम तोड़ने के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गई। सिविल अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है। मंगलवार को छात्रा के भाई आदर्श सिंह ने इंस्टीट्यूट के मालिक ओंकार यादव, अभिषेक यादव व मैनेजिंग डायरेक्टर रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत की है।
महिंगवा के रेवामऊ गांव की 19 वर्षीय पूर्णिमा सिंह कुम्हरावां इंटर कॉलेज में 12 वीं की छात्रा हैं। वह कॉलेज से दीन दयाल विकास योजना के तहत जीसीआरजी इंस्टीटयूट में रहकर कंप्यूटर डिप्लोमा कर रही हैं। आदर्श के मुताबिक, रविवार शाम साढ़े पांच बजे इंस्टीट्यूट से कॉल आई थी। प्रबंधन ने बताया कि उनकी बहन को करंट लगने पर सिविल में भर्ती कराया गया है।
आम तोड़ने के दौरान हुआ हादसा
जीसीआरजी इंस्टीटयूट में मैनेजर बलविंदर के मुताबिक हॉस्टल परिसर में आम के पेड़ लगे हैं। पेड़ों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। रविवार को छात्रा लोहे की रॉड से आम तोड़ रही थी। रॉड हाईटेंशन लाइन से टकरा गई और करंट से छात्रा झुलस गई।
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इंस्टीट्यूट पर लापरवाही का आरोप
आदर्श के मुताबिक, सिविल में बहन को वेंटिलेटर चाहिए, मगर उनके पास रुपये नहीं हैं। जीसीआरजी इंस्टीटयूट उनकी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि घटना के समय गेट पर न तो कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद था और न ही वार्डन थी। आरोप है कि बहन के साथी से पता चला कि घटना के दौरान वार्डन सो रही थी।
लाइन शिफ्ट करने की मांग होती तो हट जाती
एसडीओ इटौंजा राजकुमार यादव के मुताबिक जीसीआरजी की सप्लाई कठवारा उपकेंद्र से होती है। समस्या को लेकर शिफ्ट करने की मांग की गई होती तो हाईटेंशन लाइन हट जाती। फिलहाल मामले की जांच की जाएगी।
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महिंगवा के रेवामऊ गांव की 19 वर्षीय पूर्णिमा सिंह कुम्हरावां इंटर कॉलेज में 12 वीं की छात्रा हैं। वह कॉलेज से दीन दयाल विकास योजना के तहत जीसीआरजी इंस्टीटयूट में रहकर कंप्यूटर डिप्लोमा कर रही हैं। आदर्श के मुताबिक, रविवार शाम साढ़े पांच बजे इंस्टीट्यूट से कॉल आई थी। प्रबंधन ने बताया कि उनकी बहन को करंट लगने पर सिविल में भर्ती कराया गया है।
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आम तोड़ने के दौरान हुआ हादसा
जीसीआरजी इंस्टीटयूट में मैनेजर बलविंदर के मुताबिक हॉस्टल परिसर में आम के पेड़ लगे हैं। पेड़ों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। रविवार को छात्रा लोहे की रॉड से आम तोड़ रही थी। रॉड हाईटेंशन लाइन से टकरा गई और करंट से छात्रा झुलस गई।
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इंस्टीट्यूट पर लापरवाही का आरोप
आदर्श के मुताबिक, सिविल में बहन को वेंटिलेटर चाहिए, मगर उनके पास रुपये नहीं हैं। जीसीआरजी इंस्टीटयूट उनकी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि घटना के समय गेट पर न तो कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद था और न ही वार्डन थी। आरोप है कि बहन के साथी से पता चला कि घटना के दौरान वार्डन सो रही थी।
लाइन शिफ्ट करने की मांग होती तो हट जाती
एसडीओ इटौंजा राजकुमार यादव के मुताबिक जीसीआरजी की सप्लाई कठवारा उपकेंद्र से होती है। समस्या को लेकर शिफ्ट करने की मांग की गई होती तो हाईटेंशन लाइन हट जाती। फिलहाल मामले की जांच की जाएगी।