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बिंदास गौरी, बेदर्द अंतः अब भी मनाएंगे वेलेंटाइन?

Sun, 08 Feb 2015 10:28 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लख्ानऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लख्ानऊ Updated Sun, 08 Feb 2015 10:28 PM IST
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Gauri brutel murder by her lover.

गौरी मर्डर केस के खुलासे के में आरोपी पाए गए हिमांशु प्रजापति को उसका प्रेमी कहना सही नहीं है। ये प्रेम नहीं है ना ही वो प्रेमी हो सकता है।

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क्या कोई प्रेमी अपनी जान से भी ज्यादा प्रेमिका को ऐसी बेरहम मौत दे सकता है? पुलिस के खुलासे के अनुसार गौरी का हत्यारा हिंमाशु प्रजापति पिछले डेढ़ साल से उसे जानता था। गौरी के उससे संबंध भी थे। गौरी को क्या पता था कि जिस प्रेमी को उसने अपना सर्वस्व सौंप दिया है वो उसके साथ ये सब करेगा।
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हिमांशु ने जो काम किया वो तो कोई कसाई ही कर सकता है। क्या गौरी के शरीर पर आरी चलाने से पहले हिमांशु के हाथ नहीं कांपे होंगे। क्या जब हिमांशु ने गौरी के शरीर से उसका धड़ अलग किया होगा उसे उसकी मासूम बातें याद नहीं आई होंगी।
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डेढ़ साल से जिस लड़की को वो प्यार करता था उसके लिए इतना बेरहम कैसे हो गया। जब हिमांशु गौरी के शरीर के ट़ुकड़े पॉलीथिन में पैक कर रहा होगा तब एक बार भी उसका कलेजा फटा नहीं होगा। अपने ही घर के जिस बिस्तर पर वो गौरी के साथ था क्या वो बिस्तर उसको सुकून भरी नींद दे रहा होगा।

हे लिव लाइफ लाइक गौरी, डोंट बी सीरियस

Gauri brutel murder by her lover.

यही वो लाइनें है जो गौरी के जीवन का फलसफा थी। गौरी के कमरे के एक गेट पर उसने लिखा था 'बी हैप्पी, बी बिंदास, डोंट बी सीरियस, बी लाइक गौरी'। इन पंक्तियों के मायने अगर ढूंढेंगे तो जानेंगे कि गौरी अपनी फेवरेट थी। वो खुश रहना चाहती थी। वो जीना चाहती थी।

गौरी की मां तृप्ता ने जब रोते हुए कहा था कि गौरी को एक भी खरोंच आ जाती थी तो वो पूरा घर सिर पर उठा लेती थी। जब उसके शरीर को हत्यारे ने जिंदा काटा होगा तो कितना चिल्लाई होगी, कितना तड़पी होगी मेरी बच्ची?

वहीं गौरी के पापा शिशिर श्रीवास्तव ने उसका पिग्गी बैंक दिखाते हुए बताया था कि गौरी मेरे लिए नई गाड़ी लेने के लिए पैसे इकट्ठे कर रही थी। गौरी अपने बलबूते पर कुछ करना चाहती थी। गौरी अपने मां-बाप की इकलौती बेटी थी। वो बेटी होते हुए बेटे का फर्ज भी पूरा करना चाहती थी।

अब कैसे बेटी को आजादी देंगे मां-बाप

Gauri brutel murder by her lover.

गौरी की हत्या ने एक बार फिर बेटी के मां-बाप के दिलों-दिमाग में दहशत भर दी है। गौरी के पेरेंट्स उसे जीने की पूरी आजादी दी थी। उसके मां-बाप अपनी बेटी पर बहुत विश्वास करते थे।

साथ ही गौरी के पिता शिशिर ने बताया कि उन्होंने भी सालों पहले तृप्ता से लव मैरिज की थी। इस वजह अपनी बेटी पर भी उन्होंने ज्यादा बंधन नहीं लगाए थे। गौरी को अपना जीवनसाथी चुनने की भी पूरी आजादी दी थी। मगर सबसे ज्यादा दुख की बात है कि गौरी की इस निर्मम हत्या को भी लोग मां-बाप की लव मैरिज से जोड़कर देख रहे थे।

गौरी की चचेरी बहन ने बताया था कि गौरी इतनी बिंदास थी कि उसकी फेसबुक फ्रेंडलिस्ट में लड़कियों से ज्यादा लड़के शामिल थे। लड़कों के साथ घूमना उसके लिए आम-बात थी। फेसबुक और वाट्सअप्प पर वो हमेशा एक्टिव रहती थी। अपने अच्छे-बुरे हर अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करती थी।

गौरी के लिए उमड़ गया सोशल मीडिया

Gauri brutel murder by her lover.

लखनऊ की ‌बिंदास गौरी के लिए पूरा सोशल मीडिया भी एकजुट आ गया है। गौरी की हत्या के बाद गौरी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर तो प्रदर्शन हुए ही साथ ही फेसबुक पर भी एक पेज बनाया गया।

'आई वांट जस्टिस फॉर गौरी, कम लखनऊ' इस फेसबुक पेज पर शहर के युवा जुड़ रहे हैं। अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। फेसबुक के इस पेज के सभी संदेशों को देखकर साफ पता चलता है कि यूथ को इस घटना ने कितना झकझोर कर रख दिया है।

इस पेज पर गौरी की नृशंस हत्या को लेकर गुस्सा फूट रहा है। सभी अपनी कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सभी गौरी को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठा रहे हैं। अब गौरी का दोषी तो पुलिस ने ढूंढ लिया है मगर देखना है कि गौरी को इंसाफ कब मिल पाता है।

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