बदायूं गैंगरेपः आरोपी को बचा रहे थे बड़े नेता!
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किशोरी को अगवा कर बदायूं के मूसाझाग थाने में गैंगरेप करने के आरोप में बर्खास्त और फरार चल रहा सिपाही वीरपाल यादव भी अब आफिशियली पुलिस के कब्जे में है।
बकौल आईजी विजय सिंह मीना बदायूं और बरेली की बारादरी पुलिस की संयुक्त टीम ने वीरपाल को रविवार शाम सेटेलाइट बस अड्डे से गिरफ्तार किया। हालांकि अवनीश की गिरफ्तारी की कहानी की तरह वीरपाल के पकड़े जाने का यह किस्सा भी गढ़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार सपा नेताओं के संरक्षण में रहे वीरपाल को बदायूं का एक नेता लाने-ले जाने का काम कर रहा था।
उसके रिश्तेदार बरेली के दो बड़े नेताओं ने सरकार की किरकिरी होती देख उसे दूसरी बिरादरी के नेता के जरिये गिरफ्तार करवा दिया। उसको सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मंत्री कनेक्शन की वजह से बच रहा था आरोपी
31 दिसंबर को किशोरी को अगवा करके सिपाही वीरपाल यादव और उसके साथी सिपाही अवनीश यादव ने थाना मूसाझाग में गैंगरेप किया था।
इस मामले में अगली दोपहर बाद मुकदमा लिखे जाने पर भी दोनों आरोपी बदायूं में घूमते रहे थे। पूर्व मंत्री के करीबी होने की वजह से वीरपाल और उसके साथी पर पुलिस हाथ डालने की हिम्मत नहीं कर सकी। गिरफ्तारी का दबाव पड़ते ही दोनों आरोपी अपने आकाओं की शरण में चले गए।
पुलिस ने छह जनवरी को अवनीश यादव को बरेली के रेलवे जंक्शन के पास से गिरफ्तार करने का दावा किया था। वह अभी जेल में है। वीरपाल को पकड़ने के लिए बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर तीन जिलों की पुलिस के अलावा एसटीएफ भी लगी हुई थी।