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गूगल में पॉश कॉलोनियां सर्च करके चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह दबोचा

Wed, 18 Nov 2020 02:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 02:17 AM IST
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gang arrested
गोमतीनगर पुलिस ने चोरों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो गूगल से पॉश कॉलोनियां सर्च करके वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना राजस्थान के आलोक चौमाल उर्फ लोकेश और हरियाणा के सोमवीर उर्फ सोनू तंवर को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से दो लग्जरी कारें व नकदी बरामद हुई है। गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
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डीसीपी पूर्वी चारू निगम ने बताया कि आलोक चौमाल उर्फ लोकेश राजस्थान के जयपुर में मूरलीपुरा के अर्चनानगर का रहने वाला है जबकि सोमवीर उर्फ सोनू तंवर हरियाणा के महेंद्रगढ़ स्थित कनीना के खेड़ी गांव का है। दोनों को विश्वासखंड तीन करबला के पीछे से पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने 30 अक्तूबर को गोमतीनगर के वीआईपी इलाके एल्डिको ग्रीन में रहने वाली सेवानिवृत प्रो. रजंना बिष्ट के बंद मकान के ताले तोड़कर लाखों रुपये के जेवर-नकदी समेटने की बात कुबूल की है। आलोक चौमाल ने बताया कि गिरोह में हरियाणा के गुड़गांव मानेसर निवासी सतपाल सिंह चौहान उर्फ फौजी और दीपक भी हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
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गोमतीनगर की एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि सतपाल सिंह चौहान उर्फ फौजी शातिर चोर है। वह गूगल में देश की पॉश और वीआईपी कॉलोनियां सर्च करके चोरी की वारदातों की रूपरेखा तैयार करता था। कॉलोनियां सर्च करने के बाद गिरोह के सदस्य रेकी करते थे और बंद पड़ी कोठियों या बंगलों को चिह्नित कर वहां वारदातें करते थे। सेवानिवृत्त प्रो. रंजना बिष्ट के मकान को भी शातिर चोरों ने ऐसे ही चिह्नित किया था। पुलिस ने चोरों की दो लग्जरी कारें, छह मोबाइल फोन और 16700 रुपये नकद बरामद किए हैं।
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कारगिल युद्ध के बाद अनफिट घोषित फौजी बन गया कुख्यात अपराधी
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड सतपाल सिंह चौहान उर्फ फौजी सेना में था। पुलिस को जानकारी मिली है कि कारगिल युद्ध के बाद उसे सेना से मेडिकली अनफिट घोषित कर दिया गया था। इसके बाद वह हरियाणा स्थित घर लौट आया और अपराध जगह में सक्रिय हो गया। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि सतपाल ने उत्तर प्रदेश में लखनऊ, गुजरात के सूरत, राजस्थान के उदयपुर, मध्य प्रदेश के उज्जैन, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हरियाणा के गुड़गांव और दिल्ली में ताबड़तोड़ वारदातें कीं। उस पर हत्या, लूट, डकैती, चोरी और नकबजनी के 100 से अधिक केस दर्ज हैं। शातिर सतपाल फौजी न मोबाइल फोन रखता है न ही उसके नाम पर कोई संपत्ति है। वह दोस्तों, रिश्तेदारों या अपराधियों से संपर्क करके उनके नाम से बैंक में खाते या लॉकर खुलवाकर अपराध से अर्जित कमाई जमा करता है। पुलिस के मुताबिक, उसने कुछ बैंकों से लॉकर में रखे जेवरातों पर लोन भी ले रखा है।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर के घर से चोरी जेवर पौने दस लाख रुपये में बेचे
पुलिस की पूछताछ में आलोक चौमाल ने बताया कि उसने गोमतीनगर में सेवानिवृत प्रोफेसर के घर से जो जेवरात चोरी किए थे, उन्हें पौने दस लाख रुपये में बेचा था। इसमें से सोमवीर, दीपक और उसने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए थे। अपने हिस्से में आई रकम उसने एयू स्मॉल फाइनेंशियल बैंक के लॉकर में रखी है।
लग्जरी कारों से आए, आधे घंटे में वारदात कर भाग निकले
एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि चोरों का गिरोह राजस्थान और हरियाणा से अलग-अलग चलता है। गिरोह के सदस्यों के पास अपनी लग्जरी कारें हैं। कारों से बदमाश लखनऊ पहुंचे और दोपहर को ही एल्डिको ग्रीन कॉलोनी में प्रवेश किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मी और आसपास के लोगों को चकमा देकर सेवानिवृत प्रोफेसर के मकान में घुसकर मात्र 20 से 25 मटिनट में माल समेटकर हरियाणा और राजस्थान भाग निकले। सीसीटीवी कैमरे में द7ोपहर 2.40 से 3.20 के बीच वारदात की पुष्टि हुई थी।

इस टीम को मिली सफलता
चोरों को गिरफ्तार करने वाली टीम में गोमतीनगर थाना के इंस्पेक्टर रत्नेश कुमार सिंह के अलावा उपनिरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा, क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार श्रीवास्तव, आरक्षी पवन सिंह बिसेन, गोमतीनगर एसीपी की क्राइम टीम के आरक्षी रणधीर सिंह, वैभव प्रकाश नैन, ब्रजेश सिंह, पॉलीगान के आरक्षी विजय सिंह व मो. नदीम शामिल थे।
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