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प्रबंधन कोटे के एमबीबीएस छात्रों को लेकर अब तक कोई दिशा-नर्देश नहीं, अधर में लटका भविष्य

Fri, 24 Jan 2020 12:55 PM IST
Trainee Trainee अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 24 Jan 2020 12:55 PM IST
सार

  • ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में लगभग 40 छात्र-छात्राओं ने लिया है प्रवेश

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future of management quota MBBS students on the stake
mbbs - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

ग्लोकल मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में प्रबंधन कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने नीट यूजी 2016 काउंसलिंग से प्रवेश लेने वाले 25 छात्र-छात्राओं को अन्य मान्यता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित करने का फैसला किया है। लेकिन प्रबंधन कोटे से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से वर्ष 2017 में मान्यता न मिलने के बाद ग्लोकल मेडिकल कॉलेज पर आखिरकार चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्रवाई कर दी। लेकिन इस मेडिकल कॉलेज में नीट यूजी से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को ही इससे राहत मिली है। लाखों रुपये खर्च करके प्रबंधन कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य अभी भी दांव पर है।
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महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता का कहना है कि नीट यूजी 2016 काउंसलिंग से जिन छात्रों को ग्लोकल कॉलेज आवंटित किया गया था, उन्हें मान्यता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेज के 2016 बैच की रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। प्रबंधन कोटे के बारे में अभी कोई दिशा-निर्देश तय नहीं हुए हैं।

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निजी मेडिकल कॉलेजों की होगी निगरानी
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय निजी मेडिकल कॉलेजों की लगातार निगरानी करेगा। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की स्थिति को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इसके लिए छात्र-छात्राओं से भी फीड बैक लिया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि शासन से शुल्क निर्धारित होने के बावजूद अभ्यर्थियों से मनमानी वसूली करने वाले निजी मेडिकल कॉलेजों पर छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद ही कार्रवाई की गई थी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी, सीतापुर, मथुरा, उन्नाव, अमरोहा, शाहजहांपुर और सहारनपुर जिलों के डीएम को पत्र लिखकर उनके जिलों में स्थित निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों की अवैध वसूली की जांच के लिए पत्र लिखा था। इन कॉलेजों को नियमानुसार वर्षवार शुल्क लेना था लेकिन उन्होंने छात्रों से अग्रिम शुल्क और बैंक गारंटी की मांग की थी। इस मामले की सूचना मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी दी गई है।

काउंसलिंग में देना होगा शपथ पत्र
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के 2016 बैच के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को अन्य मेडिकल कॉलेजों में समायोजन के लिए होने वाली काउंसलिंग में 10 रुपये का शपथ पत्र देना होगा। इस शपथ पत्र में नीट यूजी 2016 की परीक्षा में उत्तीर्ण होने, नीट अनुक्रमांक, ऑल इंडिया रैंक, काउंसलिंग में आवंटित मेडिकल कॉलेज और प्रथम या द्वितीय प्रोफेशनल उत्तीर्ण होने की जानकारी देनी होगी। ये शपथ पत्र छात्र-छात्राओं को काउंसलिंग के समय पेश करना होगा। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के अनुसार काउंसलिंग से संबंधित जानकारी डीजीएमई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

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