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सब्जी और फल में मिला जानलेवा रसायन तो जुर्माना समेत मिलेगी ये सख्त सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 05 Sep 2018 03:10 PM IST
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- फोटो : डेमो
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चंद पैसों की खातिर फलों-सब्जियों पर घातक रसायन के इस्तेमाल पर रोक के लिए लखनऊ में एफएसडीए आज से केमिकल लोचा पकड़ो अभियान चलाएगा। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमें शहर के विभिन्न स्थानों पर चल रहीं फल व सब्जी मंडियों का सर्वे करेंगी।
सब्जियों व फलों के नमूने जांच को भेजे जाएंगे। केमिकल लोचा साबित होने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ जुर्माना और जेल जाने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि फलों-सब्जियों को पौष्टिक और ताजा दिखा कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ सर्वे सर्विलांस अभियान शुरू किया जा रहा है।
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सब्जियों व फलों के नमूने जांच को भेजे जाएंगे। केमिकल लोचा साबित होने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ जुर्माना और जेल जाने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि फलों-सब्जियों को पौष्टिक और ताजा दिखा कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ सर्वे सर्विलांस अभियान शुरू किया जा रहा है।
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कहीं सेहत के लिए घातक तो नहीं हरी-ताजी सब्जियां
रहें सतर्क, कहीं सेहत के लिए घातक तो नहीं हरी-ताजी सब्जियां
घातक मेलाकाइट ग्रीन
हरी सब्जियों पर मेलाकाइट ग्रीन जैसे खतरनाक केमिकल को स्प्रे किया जा रहा है। कुछ लोग इसके लिक्विड में सब्जियों को डुबो देते हैं, जिससे सब्जियां कहीं ज्यादा हरी और ताजी दिखती हैं।
नुकसान : यह रसायन कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं को बढ़ाने में मददगार होता है।
कैल्शियम कार्बाइड और चाइनीज केमिकल
फलों को जल्दी पकाकर फायदा कमाने के चक्कर में कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल होता है। अब इसका स्थान धीरे-धीरे चाइनीज केमिकल लेता जा रहा है। हालांकि एफएसडीए अधिकारी प्रतिबंधित चाइनीज केमिकल के बारे में अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। पर यह मानते हैं कि चीनी घातक रसायन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
नुकसान : इसमें आर्सेनिक व फास्फोरस होता है। कार्बाइड से एसिटिलीन गैस निकलती है, जो गर्मी पैदा करती है। यह गैस वेल्डिंग में व ईंधन में काम आती है। इसका असर नर्वस सिस्टम पर होता है।
यह भी कम खतरनाक नहीं
फल-सब्जी को चमकीला बनाने के लिए पेट्रोलियम ऑयल का इस्तेमाल भी किया जाता है। साथ ही दुधारू जानवरों को लगाए जाने वाले प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल भी सब्जियों के आकार को बड़ा करने के लिए किया जाता है। इससे तैयार सब्जियों का सेवन हारमोनल बीमारी का खतरा बढ़ा देता है।
नुकसान : श्वसन तंत्र और पेट संबंधी बीमारियां घेर लेती हैं।
घातक मेलाकाइट ग्रीन
हरी सब्जियों पर मेलाकाइट ग्रीन जैसे खतरनाक केमिकल को स्प्रे किया जा रहा है। कुछ लोग इसके लिक्विड में सब्जियों को डुबो देते हैं, जिससे सब्जियां कहीं ज्यादा हरी और ताजी दिखती हैं।
नुकसान : यह रसायन कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं को बढ़ाने में मददगार होता है।
कैल्शियम कार्बाइड और चाइनीज केमिकल
फलों को जल्दी पकाकर फायदा कमाने के चक्कर में कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल होता है। अब इसका स्थान धीरे-धीरे चाइनीज केमिकल लेता जा रहा है। हालांकि एफएसडीए अधिकारी प्रतिबंधित चाइनीज केमिकल के बारे में अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। पर यह मानते हैं कि चीनी घातक रसायन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
नुकसान : इसमें आर्सेनिक व फास्फोरस होता है। कार्बाइड से एसिटिलीन गैस निकलती है, जो गर्मी पैदा करती है। यह गैस वेल्डिंग में व ईंधन में काम आती है। इसका असर नर्वस सिस्टम पर होता है।
यह भी कम खतरनाक नहीं
फल-सब्जी को चमकीला बनाने के लिए पेट्रोलियम ऑयल का इस्तेमाल भी किया जाता है। साथ ही दुधारू जानवरों को लगाए जाने वाले प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल भी सब्जियों के आकार को बड़ा करने के लिए किया जाता है। इससे तैयार सब्जियों का सेवन हारमोनल बीमारी का खतरा बढ़ा देता है।
नुकसान : श्वसन तंत्र और पेट संबंधी बीमारियां घेर लेती हैं।