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रियल एस्टेट कंपनी ने प्लॉट के नाम पर ठगे १३ लाख, मुकदमा
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पीड़ित ने दर्ज कराई एफआईआर।
- फोटो : ??? ?????
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सरोजनीनगर निवासी तरुण जखमोला ने रियल एस्टेट कंपनी शिकोरा इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ प्लॉट के नाम पर 13 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्लॉट बेचने का झांसा दिया था। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, अमौसी स्थित कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में तरुण जखमोला परिवार संग रहते हैं।
2018 में उनकी मुलाकात ओमेक्स हाइट्स स्थित शिकोरा इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक संतोष कुमार तिवारी, आदर्श प्रताप सिंह, एमडी ऋषि सिंह और मनोज वर्मा से हुई।
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कंपनी के अधिकारियों ने शहीद पथ स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने 2000 वर्गफीट का प्लॉट दिखाया। 30 लाख में सौदा तय होने के बाद तरुण ने नवंबर 2018 में 12 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा करा दिए।
कुछ दिन बाद कंपनी के नए एमडी संतोष तिवारी हो गए और उन्होंने रजिस्ट्री के लिए तरुण से एक लाख और जमा कराए।
आवंटन पत्र व सेल डीड दिखाते हुए बताया गया कि सावित्री देवी व शिवसकल के दस्तखत होने हैं। सप्ताहभर बाद रजिस्ट्री हो जाएगी। रजिस्ट्री नहीं हुई तो पीड़ित ने रकम वापस मांगी।
जनवरी 2019 में आरोपियों ने चेक दिए जो बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी। जांच में आरोपी सही पाए जाने पर एसीपी प्रवीण मलिक के आदेश पर संतोष तिवारी, ऋषि सिंह, आदर्श प्रताप सिंह, मनोज कुमार वर्मा, एसके गिरी व सावित्री देवी पर केस दर्ज किया गया।
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पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस मुख्यालय के सामने प्लॉट बेचने का झांसा दिया था। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, अमौसी स्थित कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में तरुण जखमोला परिवार संग रहते हैं।
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2018 में उनकी मुलाकात ओमेक्स हाइट्स स्थित शिकोरा इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक संतोष कुमार तिवारी, आदर्श प्रताप सिंह, एमडी ऋषि सिंह और मनोज वर्मा से हुई।
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कंपनी के अधिकारियों ने शहीद पथ स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने 2000 वर्गफीट का प्लॉट दिखाया। 30 लाख में सौदा तय होने के बाद तरुण ने नवंबर 2018 में 12 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा करा दिए।
कुछ दिन बाद कंपनी के नए एमडी संतोष तिवारी हो गए और उन्होंने रजिस्ट्री के लिए तरुण से एक लाख और जमा कराए।
आवंटन पत्र व सेल डीड दिखाते हुए बताया गया कि सावित्री देवी व शिवसकल के दस्तखत होने हैं। सप्ताहभर बाद रजिस्ट्री हो जाएगी। रजिस्ट्री नहीं हुई तो पीड़ित ने रकम वापस मांगी।
जनवरी 2019 में आरोपियों ने चेक दिए जो बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने तहरीर दी। जांच में आरोपी सही पाए जाने पर एसीपी प्रवीण मलिक के आदेश पर संतोष तिवारी, ऋषि सिंह, आदर्श प्रताप सिंह, मनोज कुमार वर्मा, एसके गिरी व सावित्री देवी पर केस दर्ज किया गया।