{"_id":"5d33742d8ebc3e6cb12e9c2b","slug":"fraud-on-behalf-of-plot-lucknow-news-lko4718917197","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेड कांस्टेबल पर प्लाट के नाम पर 7.60 लाख रुपये हड़पने का केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेड कांस्टेबल पर प्लाट के नाम पर 7.60 लाख रुपये हड़पने का केस
विज्ञापन
हेड कांस्टेबल पर प्लॉट का झांसा दे 7.60 लाख रुपये हड़पने का केस
वजीरगंज के कुंडरी रकाबगंज निवासी आशा राय ने हेड कांस्टेबल श्याम नारायण शुक्ला पर प्लॉट का झांसा दे 7.60 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर दीपक दुबे ने बताया कि आशा राय के पति सुरेश राय भी पुलिस विभाग में थे। शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है।
पीड़िता का आरोप है कि प्रतापगढ़ निवासी श्याम नारायण शुक्ला करीब तीन साल पहले आईजी लखनऊ जोन के कार्यालय में तैनात था।
वह पीजीआई थानाक्षेत्र के साउथ सिटी निवासी रिश्तेदार दिलीप तिवारी के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था।
आशा का कहना है कि चूंकि, उसके पति भी पुलिस विभाग में थे, इसलिए श्याम नारायण शुक्ला से परिचित था।
हेड कांस्टेबल ने आशा को विकासनगर के मामा चौराहे पर सस्ता प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। दोनों के बीच 7.60 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा तय हो गया।
बकौल आशा, उन्होंने 12 जुलाई 2016 को श्याम नारायण शुक्ला को छह लाख रुपये दे दिए। दो महीने बाद श्याम नारायण शुक्ला और दिलीप तिवारी ने घर आकर 50 हजार रुपये मांगे।
उनका कहना था कि एक-दो महीने में रजिस्ट्री करा देंगे। इस पर आशा ने चेक से रुपया दे दिया। इसके बाद बैनामा के लिए संपर्क करने पर दोनों उन्हें के नाम पर टरकाते रहे।
विज्ञापन
14 मार्च 2017 को दोनों फिर आशा के घर आए और अगले दिन बैनामा की बात कहते हुए शेष रुपया मांगा। आशा ने बाकी के 1.10 लाख रुपये का चेक उन्हें दे दिया।
इसके बाद दोनों लापता हो गए। करीब आठ महीना पहले श्याम नारायण शुक्ला का तबादला हरदोई पुलिस ऑफिस में रिट सेल में हो गया।
आशा ने श्याम नारायण शुक्ला से फोन पर संपर्क कर रुपया वापस मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद परेशान आशा ने एफआईआर दर्ज कराई।
विज्ञापन
वजीरगंज के कुंडरी रकाबगंज निवासी आशा राय ने हेड कांस्टेबल श्याम नारायण शुक्ला पर प्लॉट का झांसा दे 7.60 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर दीपक दुबे ने बताया कि आशा राय के पति सुरेश राय भी पुलिस विभाग में थे। शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है।
पीड़िता का आरोप है कि प्रतापगढ़ निवासी श्याम नारायण शुक्ला करीब तीन साल पहले आईजी लखनऊ जोन के कार्यालय में तैनात था।
वह पीजीआई थानाक्षेत्र के साउथ सिटी निवासी रिश्तेदार दिलीप तिवारी के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था।
आशा का कहना है कि चूंकि, उसके पति भी पुलिस विभाग में थे, इसलिए श्याम नारायण शुक्ला से परिचित था।
हेड कांस्टेबल ने आशा को विकासनगर के मामा चौराहे पर सस्ता प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। दोनों के बीच 7.60 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा तय हो गया।
बकौल आशा, उन्होंने 12 जुलाई 2016 को श्याम नारायण शुक्ला को छह लाख रुपये दे दिए। दो महीने बाद श्याम नारायण शुक्ला और दिलीप तिवारी ने घर आकर 50 हजार रुपये मांगे।
विज्ञापन
उनका कहना था कि एक-दो महीने में रजिस्ट्री करा देंगे। इस पर आशा ने चेक से रुपया दे दिया। इसके बाद बैनामा के लिए संपर्क करने पर दोनों उन्हें के नाम पर टरकाते रहे।
विज्ञापन
14 मार्च 2017 को दोनों फिर आशा के घर आए और अगले दिन बैनामा की बात कहते हुए शेष रुपया मांगा। आशा ने बाकी के 1.10 लाख रुपये का चेक उन्हें दे दिया।
इसके बाद दोनों लापता हो गए। करीब आठ महीना पहले श्याम नारायण शुक्ला का तबादला हरदोई पुलिस ऑफिस में रिट सेल में हो गया।
आशा ने श्याम नारायण शुक्ला से फोन पर संपर्क कर रुपया वापस मांगा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद परेशान आशा ने एफआईआर दर्ज कराई।