फर्जीवाड़ाः इंटर का छात्र दे रहा था एमबीए की परीक्षा
- छात्र परीक्षा शुरू होने के करीब 45 मिनट बाद गया पकड़ा
- दोनों छात्रों के खिलाफ एफआईआर कराने के साथ ही आर्यकुल इंस्टीट्यूट को किया जा रहा है नोटिस जारी
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की शुक्रवार से शुरू हुई इवेन सेमेस्टर की परीक्षाओं के पहले दिन अंबालिका इंस्टीट्यूट में एक ऐसा ‘मुन्ना भाई’ पकड़ा गया जिसने सभी को हैरत में डाल दिया।
असल में यह ‘मुन्ना भाई’ इंटरमीडिएट का छात्र था जो कि एमबीए की परीक्षा देते पकड़ा गया। छात्र की आईडेंटिटी पता चलने पर विवि के ऑब्जर्वर और संस्थान के इंटरर्नल स्क्वॉयड के सदस्यों सहित सभी लोग भौचक्के रह गए।
छात्र परीक्षा शुरू होने के करीब 45 मिनट बाद पकड़ा गया। एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि सुबह 9.30 बजे की पाली में परीक्षा के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉयड अंबालिका इंस्टीट्यूट में चेकिंग करने पहुंचा। यहां आर्यकुल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स का भी परीक्षा केंद्र है।
स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड चेक करने के दौरान पता चला कि आर्यकुल इंस्टीट्यूट में एमबीए के छात्र देशराज की जगह गोसाईंगज क्षेत्र का रहने वाला इंटरमीडिएट छात्र सूर्यांश सिंह परीक्षा दे रहा है।
सूर्यांश के पास देशराज के नाम का ही एडमिट कार्ड था। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसकी सूचना विवि सहित पुलिस को दी गई। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पकड़े गए छात्र और असली छात्र दोनों के खिलाफ एफआईआर कराने के साथ ही आर्यकुल इंस्टीट्यूट को नोटिस जारी किया जा रहा है।
छात्रों की शिकायत उन्हें देरी से मिला पेपर
ताज्जुब की बात यह है कि राजधानी में एकेटीयू की नाक के नीचे ही कॉलेज ऐसा फर्जीवाड़ा करने से नहीं घबरा रहे हैं। एकेटीयू परीक्षाओं का आगाज ही अव्यवस्था से हुआ।
राजधानी के कुछ केंद्रों पर प्रश्नपत्र काफी देरी से बांटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। एसआर और आरआर इंस्टीट्यूट के कुछ छात्रों ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र सीतापुर रोड स्थित बंसल कॉलेज में था।
वहां उनको देरी से पेपर मिला। सुबह की पाली में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि उनको करीब आधा घंटा देरी से पेपर मिला तो शाम की पाली में छात्रों ने बताया कि उनको करीब एक घंटे देरी से पेपर दिया गया।
हालांकि, जिस छात्र को देरी से पेपर मिला उन्हें उतना ही अतिरिक्त समय दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, कॉलेजों में पेपर कम पहुंचने के चलते यह समस्या आई। कम पेपर होने की वजह से कॉलेजों को बड़ी संख्या में इनकी फोटोकॉपी करानी पड़ी जिसके बाद वह छात्रों को दिया गया।
परीक्षा में शामिल हुए बगैर नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
अंबालिका इंस्टीट्यूट में पकड़े गए मुन्ना भाई ने एक बार फिर से निजी कॉलेजों में छात्रवृत्ति के लिए होने वाले फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है। लगभग पांच महीने पहले एकेटीयू ने दिसंबर की सेमेस्टर परीक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति का ब्यौरा जुटाया था।
इसमें सामने आया कि करीब 125 निजी कॉलेजों के 7000 छात्र ऐसे थे जिन्होंने परीक्षा दी ही नहीं। इसमें अधिकतर एमबीए के छात्र थे। इस दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जहां प्रवेशित एक भी छात्र परीक्षा में नहीं बैठा।
असल में निजी कॉलेज सीटें न भरने की स्थिति में एससी व एसटी के नाम पर फर्जी प्रवेश कर लेते हैं जिससे कि उनकी छात्रवृत्ति कॉलेज को मिल जाए। इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने भी सख्ती कर दी है।
उसने यह शर्त लगा दी कि जब तक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं होगा उसे छात्रवृत्त्ति नहीं मिलेगी। इसीलिए कॉलेज फर्जी प्रवेश वालों की जगह किसी को भी उपस्थिति के लिए बैठा रहे हैं।