काशी के लिए मोदी ने फिर दिए 7250 करोड
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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जोड़ने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया है। इन सड़कों को फोरलेन करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 7250 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इनमें से एक वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तो काम इस महीने के अंत तक शुरू हो जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सुल्तानपुर-वाराणसी (एनएच-56), वाराणसी-घाघरा ब्रिज (टांडा के पास, एनएच-233) और वाराणसी-गोरखपुर (एनएच-29) को सहकारी-निजी सहभागिता (पीपीपी मोड) के तहत बनाने का फैसला लिया था। लेकिन बिड जारी किए जाने के बाद भी किसी भी फर्म ने इसमें रुचि नहीं ली।
नतीजतन केंद्र सरकार ने तीनों ही राजमार्गों को अपने संसाधनों से यानी ईपीसी मोड में बनाने का फैसला किया। 212 किलोमीटर लंबे वाराणसी-गोरखपुर हाईवे के निर्माण के लिए फर्म तीन-चार दिनों में तय हो जाएगी।
निर्माण भी इस महीने के आखिर तक शुरू हो जाएगा। जबकि सुल्तानपुर-वाराणसी और वाराणसी-घाघरा ब्रिज तक सड़क फोरलेन करने के लिए बिड मांगी गई हैं। यहां भी काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
किस हाईवे पर कितना होगा खर्च
हाईवे--लंबाई--खर्च
सुल्तानपुर-वाराणसी--128 किमी--1750 करोड़ रुपये
वाराणसी-घाघरा ब्रिज--179 किमी--2500 करोड़ रुपये
वाराणसी-गोरखपुर--212 किमी--3000 करोड़ रुपये
इस पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी कर्नल खुशवंत सिंह का कहना है कि पीपीपी मोड में कोई प्राइवेट फर्म न मिल पाने से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
इसलिए सिर्फ यही तीन राजमार्ग नहीं बल्कि पूरे देश में जहां भी यह समस्या आ रही है, वहां ईपीसी मोड में काम करवाने का फैसला किया गया है।
वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग पर फर्म अगले दो-तीन दिन में तय हो जाएगी। वाराणसी-घाघरा ब्रिज और सुल्तानपुर-वाराणसी के लिए भी बिड प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।