फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Four Sentenced to Life Imprisonment for Murder of Young Woman in Ambedkar Nagar

AmbedkarNagar News: युवती की हत्या में चार को आजीवन कारावास, मां और चाचा दोषमुक्त; 12 साल बाद मिला न्याय

Fri, 10 Apr 2026 06:49 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर Published by: Bhupendra Singh Updated Fri, 10 Apr 2026 06:49 PM IST
सार

अंबेडकरनगर में प्रतिमा हत्याकांड में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, मां और चाचा दोषमुक्त करार दिए गए। मामले में 12 साल बाद परिवार को न्याय मिला। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Four Sentenced to Life Imprisonment for Murder of Young Woman in Ambedkar Nagar
कोर्ट का फैसला

विस्तार

यूपी में अंबेडकरनगर में वर्ष 2014 में हुई युवती की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राम विलास सिंह ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, पुलिस द्वारा आरोपी बनाई गई मृतक युवती की मां और चाचा को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

विज्ञापन


मामला सम्मनपुर थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर जगन्नाथपुर गांव का है। गांव निवासी अलगू राम चौहान ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि 20 अप्रैल 2014 की रात वह अपनी पत्नी शारदा देवी के साथ खेत की सिंचाई करने गए थे। घर के बरामदे में उनकी पुत्री प्रतिमा (19) सो रही थी। सुबह जब वे लौटे तो पुत्री गायब थी। बाद में उसका शव पास के ही एक खेत में मिला। दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी।

विज्ञापन
Trending Videos

अवैध संबंधों में वारदात को अंजाम दिया गया

पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन विवेचना के बाद मृतका की मां शारदा देवी और एक अन्य व्यक्ति रामइंदर को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस का तर्क था कि दोनों के बीच अवैध संबंधों के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने रामबल चौहान, विक्रम चौहान, उमाशंकर और राजकुमार चौहान को आरोपी बनाने की अपील की। मृतका की दादी और अन्य गवाहों ने गवाही दी कि इन चारों ने ही प्रतिमा को घर से उठाकर ले जाकर उसकी हत्या की थी।

न्यायालय ने पाया कि पुलिस ने विवेचना में लापरवाही बरती और मृतका की मां शारदा देवी व रामइंदर को गलत तरीके से फंसाया गया था। कोर्ट ने इन दोनों को बाइज्जत बरी कर दिया। वहीं, रामबल, विक्रम, उमाशंकर और राजकुमार चौहान को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

विज्ञापन

कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- पुलिस ने गढ़ी झूठी कहानी

युवती की हत्या के मामले में पुलिस की विवेचना न केवल लापरवाह रही, बल्कि अदालत में पेश किया गया आरोप पत्र भी पूरी तरह दिशाहीन था। कोर्ट में गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस ने बिना किसी ठोस सबूत के मृतका की मां और चाचा के बीच अवैध संबंधों की मनगढ़ंत कहानी रची और उसी आधार पर आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जबकि, अदालत की सक्रियता से असली दोषियों रामबल, विक्रम, उमाशंकर और राजकुमार चौहान की संलिप्तता उजागर हुई। 

गवाहों ने अपने बयानों में यहां तक कहा कि पुलिस ने इन चारों को बचाने के लिए देवर-भाभी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने का प्रयास किया। विवेचना के दौरान घटनास्थल पर गला घोंटने के अलावा खून बहने (रक्तस्राव) के साक्ष्य भी मिले थे, लेकिन पुलिस ने इस महत्वपूर्ण बिंदु पर जांच करना उचित नहीं समझा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed