UP: जहरीली शराब से चार की मौत, 12 गंभीर
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गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के बिछऊपुर गांव में जहरीली शराब के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 को गंभीर अवस्था में अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी व संबंधित पुलिस चौकी के प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बीमारों का निशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रमुख सचिव आबकारी आराधना शुक्ला के निर्देश पर आबकारी निरीक्षक, एक प्रमुख आबकारी सिपाही व दो आबकारी सिपाहियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस हादसे के बाद यह कहा है कि अवैध मदिरा तथा इससे संबंधित अपराधों के विरुद्ध अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अवैध आबकारी कारोबार के विरुद्ध अभियान चलाकर इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इन्हें किया गया निलंबित
प्रमुख सचिव आबकारी आराधना शुक्ला ने बताया कि जो निलंबित हुए हैं उनमें जिला आबकारी अधिकारी सदानंद चौरसिया, आबकारी निरीक्षक मनोज यादव, प्रमुख आबकारी सिपाही हरि प्रकाश सिंह, आबकारी सिपाही राजेश प्रताप सिंह और रेखा यादव के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा संबंधित पुलिस चौकी के प्रभारी को भी निलंबित किया गया है। जिस शराब के सेवन से तीन की मौत व 12 की दशा बिगड़ी वह प्रधानी के चुनाव की तैयारी में एक प्रत्याशी की ओर से पिलाई गई थी।
शराब के जहरीला होने को लेकर आबकारी अधिकारी असमंजस में
चूंकि जहरीली शराब मिथाईल अल्कोहल से निर्मित होती है और ऐसी शराब का प्रमुख लक्षण पहले आंख की रोशनी जाना और फिर प्राण जाना होता है। लेकिन गोरखपुर के मामले में किसी की भी आंख की रोशनी नहीं गई। जो अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी भी आंख की रोशनी नहीं गई है।
ऐसे में इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि जो शराब पिलाई गई उसमें कोई जहरीली वस्तु या तो मिल गई या किसी ने मिला दी। प्रमुख सचिव आबकारी आराधना शुक्ला ने कहा कि इसकी जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फोरेंसिक जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।