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हादसे में चार की मौत के बाद नहर में 12 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, नहीं मिले दोनों मासूम
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लखनऊ। नगराम के भौराकला गांव के पास शुक्रवार को इंदिरा नहर में कार गिरने के बाद लापता हुए दोनों मासूमों की तलाश में शनिवार सुबह एक बार फिर एसडीआरएफ की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई गोताखोर भी नहर में उतारे गए मगर 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी दोनों बच्चे नहीं मिले। जितनी देर सर्च ऑपरेशन चला सैकड़ों ग्रामीण भी नहर किनारे डटे रहे।
मूल रूप से सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी गंगा प्रसाद मिश्र नगराम के अचली खेड़ा स्थित रिटायर्ड आईएएस विजय शंकर पांडेय के फॉर्म हाउस पर काम करते हैं। गंगा प्रसाद की बेटी संगीता की शादी पीलीभीत के विलसंडा के मैनी गांव निवासी रामरतन मिश्र के बेटे रामपाल से हुई थी। शुक्रवार सुबह संगीता पिता गंगा प्रसाद से मिलने पीलीभीत से आ रही थी। उसके साथ सास रूपा देवी, बेटा रुद्रा, बेटी चाहत और अनन्या, भतीजा रूपेश, जेठ गोवर्द्धन, कपिल और चालक कुलदीप थे।
भौरीकला में इंदिरा नहर की पटरी से गुजरते वक्त इनकी कार का आगे का दाहिना पहिया एकाएक फट गया था। इससे कार बेकाबू होकर इंदिरा नहर में समा गई थी। चालक कुलदीप व गोवर्द्धन किसी तरह बाहर निकल आए। इन दोनों ने कपिल को भी किसी तरह से बचा लिया। क्रेन से कार नहर से निकलवाई गई तो उसमें रूपा देवी (50), उनकी बहू संगीता (32), रूपेश मिश्र (14) और चाहत (5) का शव मिल गया। जबकि काफी तलाशने पर भी रुद्रा (3) व अनन्या (7) नहीं मिले। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया मगर देर रात तक मशक्कत के बावजूद रुद्रा व अनन्या नहीं मिले।
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एडीसीपी (दक्षिणी) राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम ने शनिवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक इंदिरा नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया। मगर सफलता नहीं मिल सकी। अब रविवार सुबह फिर से नहर में दोनों बच्चों की तलाश कराई जाएगी।
तीन शव पीलीभीत व एक सुल्तानपुर भेजा
निगोहां। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को रूपा देवी, उनकी बहू संगीता व पोती चाहत और रूपेश का शव अचलीखेड़ा लाया गया। बेटी चाहत का शव सीने से लगाकर बिलख रहे रामपाल बार-बार यही कह रहे थे कि मेरा तो परिवार ही खत्म हो गया। मां, पत्नी व मासूम बेटी की मौत और दो मासूम बच्चों के नहर में डूबने के बाद लापता होने से रामपाल बदहवास से हो गए हैं। एक साथ चार शव देख परिवारीजनों व रिश्तेदारों संग ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। यहां से रूपा, संगीता व चाहत का शव वाहन से पीलीभीत भेज दिया गया जबकि रूपेश का शव सुल्तानपुर स्थित उसके पैतृक गांव भेज दिया गया।
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मूल रूप से सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी गंगा प्रसाद मिश्र नगराम के अचली खेड़ा स्थित रिटायर्ड आईएएस विजय शंकर पांडेय के फॉर्म हाउस पर काम करते हैं। गंगा प्रसाद की बेटी संगीता की शादी पीलीभीत के विलसंडा के मैनी गांव निवासी रामरतन मिश्र के बेटे रामपाल से हुई थी। शुक्रवार सुबह संगीता पिता गंगा प्रसाद से मिलने पीलीभीत से आ रही थी। उसके साथ सास रूपा देवी, बेटा रुद्रा, बेटी चाहत और अनन्या, भतीजा रूपेश, जेठ गोवर्द्धन, कपिल और चालक कुलदीप थे।
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भौरीकला में इंदिरा नहर की पटरी से गुजरते वक्त इनकी कार का आगे का दाहिना पहिया एकाएक फट गया था। इससे कार बेकाबू होकर इंदिरा नहर में समा गई थी। चालक कुलदीप व गोवर्द्धन किसी तरह बाहर निकल आए। इन दोनों ने कपिल को भी किसी तरह से बचा लिया। क्रेन से कार नहर से निकलवाई गई तो उसमें रूपा देवी (50), उनकी बहू संगीता (32), रूपेश मिश्र (14) और चाहत (5) का शव मिल गया। जबकि काफी तलाशने पर भी रुद्रा (3) व अनन्या (7) नहीं मिले। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया मगर देर रात तक मशक्कत के बावजूद रुद्रा व अनन्या नहीं मिले।
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एडीसीपी (दक्षिणी) राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि एसडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम ने शनिवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक इंदिरा नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया। मगर सफलता नहीं मिल सकी। अब रविवार सुबह फिर से नहर में दोनों बच्चों की तलाश कराई जाएगी।
तीन शव पीलीभीत व एक सुल्तानपुर भेजा
निगोहां। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को रूपा देवी, उनकी बहू संगीता व पोती चाहत और रूपेश का शव अचलीखेड़ा लाया गया। बेटी चाहत का शव सीने से लगाकर बिलख रहे रामपाल बार-बार यही कह रहे थे कि मेरा तो परिवार ही खत्म हो गया। मां, पत्नी व मासूम बेटी की मौत और दो मासूम बच्चों के नहर में डूबने के बाद लापता होने से रामपाल बदहवास से हो गए हैं। एक साथ चार शव देख परिवारीजनों व रिश्तेदारों संग ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। यहां से रूपा, संगीता व चाहत का शव वाहन से पीलीभीत भेज दिया गया जबकि रूपेश का शव सुल्तानपुर स्थित उसके पैतृक गांव भेज दिया गया।