UP: सेना भर्ती ठगी में जवान समेत चार गिरफ्तार, तीन साल में 500 से ज्यादा युवाओं से करोड़ों ऐंठे
आरोपी शनिवार रात को भी ये कुछ युवकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे, जिनका मेडिकल कराया जाने वाला था। आरोपी जवान की वर्तमान में नागालैंड में तैनाती है। वह छुट्टी पर आया हुआ था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सेना में नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ ने शनिवार रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सेना का जवान व एक पूर्व सैन्यकर्मी भी शामिल हैं। एसटीएफ ने सभी को रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरोह के तीन-चार अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
एसटीएफ के एएसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि पीजीआई इलाके में स्थित गोवर्धन एंक्लेव में दबिश देकर फिरोजाबाद निवासी रामबरन सिंह उर्फ राहुल (सेना का जवान), गाजीपुर के अमित कुमार सिंह (पूर्व सैन्यकर्मी), इटावा के दिनेश कुमार यादव व बांगरमऊ उन्नाव के शुभम पटेल उर्फ कुनाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। शनिवार रात को भी ये कुछ युवकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे, जिनका मेडिकल कराया जाने वाला था। रामबरन की वर्तमान में नागालैंड में तैनाती है। वह छुट्टी पर आया हुआ था।
ट्रेनिंग करवा देते थे फर्जी नियुक्ति पत्र, 8-10 लाख की वसूली
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह जिन युवकों को जाल में फंसाता था, उनकी फिजिकल ट्रेनिंग करवाता था। फर्जी नियुक्ति पत्र भी देता था। प्रति व्यक्ति 8 से 10 लाख रुपये वसूलता था। उसके बाद ठिकाना बदल देता था। अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले तीन वर्षों में 500 से ज्यादा युवाओं को शिकार बनाकर करोड़ों रुपये ठग चुके हैं।
एक अभ्यर्थी पर 20 हजार
गिरोह में फिरोजाबाद का दिलीप यादव नाम शख्स भी शामिल है। वह फरार है। दिलीप आरोपी दिनेश का मामा है। दिनेश ने बताया कि उसको दिलीप ने ही शुभम व रामबरन से मिलवाया था। दिनेश को अभ्यर्थी लाने का काम सौंपा गया था। इसके लिए उसको 20 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी दिया जाता था। रामबरन, दिलीप व शुभम फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। गिरोह में किसी रामप्रकाश का नाम भी सामने आया है।