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फोरेंसिक रिपोर्ट में अनीता के खुदकुशी करने की ओर इशारा, लेकिन हाथ पर नहीं मिला गन पाउडर
Mon, 09 Sep 2019 10:29 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 09 Sep 2019 10:29 AM IST
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सुडा निदेशक उमेश सिंह
- फोटो : amar ujala
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प्रोन्नत आईएएस व सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह की पत्नी अनीता सिंह की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत के मामले में रविवार देर रात को विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी। इसके मुताबिक अनीता ने खुदकुशी की है। रिपोर्ट सीन रीक्रिएशन के महज चंद घंटों में तैयार कर दी गई। इसकी वजह से उस पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में गोली लगने की जगह छोटा सुराख होता है व निकास के जगह बड़ा। लेकिन नजदीक से गोली लगने की स्थिति में घाव का आकार बड़ा होता है और निकास कीजगह छोटा होना संभव है। पोस्टमॉर्टम में मृतका के शरीर पर आयी गोली का घाव स्वत: कारित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मृतका व उनकेपति का हैंडवॉश कराया गया। लेकिन किसी में गन पाउडर केसाक्ष्य नहीं मिले।
ये भी पढ़ें : आईएएस उमेश सिंह ने पत्नी के चचेरे भाई पर लगाया वसूली का आरोप, एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र
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वैज्ञानिकों की दलील आधुनिक असलहों में नहीं आते गन पाउडर के अवशेष
हालांकि प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों के मुताबिक आधुनिक असलहों जैसे पिस्टल, राइफल से धुआं न के बराबर आता है, जिससे अवशेषों की उपस्थिति फायरिंग करने वाले के हाथों पर गन पाउडर जमा होने की संभावना नहीं होती है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में साफ कहा गया कि घटनास्थल पर पुर्नसंरचना, मृतका के बेटे, बेटी, नौकर, पिता के बयान में बताये गये तथ्य, सभी एक-दूसरे से मेल हो रहे हैं। जिस कारण हत्या का होना नहीं पाया जा रहा है।
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रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में गोली लगने की जगह छोटा सुराख होता है व निकास के जगह बड़ा। लेकिन नजदीक से गोली लगने की स्थिति में घाव का आकार बड़ा होता है और निकास कीजगह छोटा होना संभव है। पोस्टमॉर्टम में मृतका के शरीर पर आयी गोली का घाव स्वत: कारित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मृतका व उनकेपति का हैंडवॉश कराया गया। लेकिन किसी में गन पाउडर केसाक्ष्य नहीं मिले।
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वैज्ञानिकों की दलील आधुनिक असलहों में नहीं आते गन पाउडर के अवशेष
हालांकि प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों के मुताबिक आधुनिक असलहों जैसे पिस्टल, राइफल से धुआं न के बराबर आता है, जिससे अवशेषों की उपस्थिति फायरिंग करने वाले के हाथों पर गन पाउडर जमा होने की संभावना नहीं होती है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में साफ कहा गया कि घटनास्थल पर पुर्नसंरचना, मृतका के बेटे, बेटी, नौकर, पिता के बयान में बताये गये तथ्य, सभी एक-दूसरे से मेल हो रहे हैं। जिस कारण हत्या का होना नहीं पाया जा रहा है।
महज 10 घंटे में रिपोर्ट
यह पहली बार हुआ है कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने महज 10 घंटे में अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंपी है। सामान्यतया रिपोर्ट आने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग जाता है। जिस आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार की गई है। उससे साफ जाहिर है कि पुलिस और मृतका के परिवारीजनों ने जो थ्योरी तैयारी की थी, उसी पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने भी अपनी मुहर लगा दी।
डेढ़ घंटे चला सीन रीक्रिएशन
अनीता सिंह की मौत का राज जानने के लिए रविवार दोपहर फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सीन रीक्रिएशन किया। करीब डेढ़ घंटे के दौरान अनीता के कमरे में सिर्फ फोरेंसिक विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी और प्रोन्नत आईएएस के परिवारीजन और नौकर मौजूद थे। विशेषज्ञों का ध्यान अनीता के गोली लगने की परिस्थितियों व दरवाजे के टूटने की दशाओं पर ज्यादा केंद्रित रहा।
डेढ़ घंटे चला सीन रीक्रिएशन
अनीता सिंह की मौत का राज जानने के लिए रविवार दोपहर फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सीन रीक्रिएशन किया। करीब डेढ़ घंटे के दौरान अनीता के कमरे में सिर्फ फोरेंसिक विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी और प्रोन्नत आईएएस के परिवारीजन और नौकर मौजूद थे। विशेषज्ञों का ध्यान अनीता के गोली लगने की परिस्थितियों व दरवाजे के टूटने की दशाओं पर ज्यादा केंद्रित रहा।
उमेश के भाई और अनीता के चचेरे भाई के बीच आरोप-प्रत्यारोप
उमेश प्रताप सिंह के बाद अब उनके भाई प्रमोद सिंह ने अनीता सिंह के चचेरे भाई राजीव सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार सुबह उन्होंने उमेश प्रताप सिंह के घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर राजीव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राजीव को भूमाफिया और अपराधी बताते हुए कार्रवाई की मांग की। जवाब में राजीव सिंह ने भी एक प्रेस नोट जारी कर अनीता की मौत को लेकर उठ रहे सवाल दोहराए।
राजीव ने प्रमोद के आरोपों के जवाब में कहा कि अगर वह भूमाफिया हैं तो उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी दिखाई जाएं। एलडीए के तत्कालीन वीसी ने उन्हें जो आवंटन किए हैं, उनकी भी कॉपी दिखाई जाएं। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के साक्ष्य मांगे हैं। साथ ही अनीता सिंह की मौत से एक महीने पहले के आईएएस उमेश प्रताप सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी देने को कहा है।
राजीव ने प्रमोद के आरोपों के जवाब में कहा कि अगर वह भूमाफिया हैं तो उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी दिखाई जाएं। एलडीए के तत्कालीन वीसी ने उन्हें जो आवंटन किए हैं, उनकी भी कॉपी दिखाई जाएं। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के साक्ष्य मांगे हैं। साथ ही अनीता सिंह की मौत से एक महीने पहले के आईएएस उमेश प्रताप सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी देने को कहा है।