रेप की घटनाओं से कहीं 'रूठ' न जाएं पर्यटक
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प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को ग्लोबल मीडिया में मिल रही कवरेज और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की टिप्पणी का असर विदेशी पर्यटकों के आगमन पर पड़ सकता है।
एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने चेतावनी के लहजे में यह बात कही है। उसने मंगलवार को यहां इस सिलसिले में अपनी रिपोर्ट जारी की। उसने सरकार से पर्यटकों में विश्वास जगाने वाले कदम जल्द उठाने की अपेक्षा जताई है।
एसोचैम के अनुसार देश में कुल विदेशी पर्यटकों में आधे यूपी के ताजमहल, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, खजुराहो और जयपुर की ओर आकर्षित होकर आते हैं।
इनसे होने वाली करीब 19 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की आय में अकेले आगरा स्थित ताजमहल 8 अरब डॉलर का योगदान देता है।
खराब कानून व्यवस्था का पड़ सकता है असर
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि जून में करीब 4.5 लाख विदेशी पर्यटक देश में आते हैं जो पर्यटन के लिहाज से ऑफ सीजन माना जाता है।
यही वजह है कि अभी प्रदेश में हुई घटनाओं का असर साफ नहीं दिखेगा, लेकिन अक्तूबर से जनवरी के दौरान पर्यटकों की आवाजाही पर यह असर दिख सकता है।
उस अवधि में हर महीने 10 लाख तक विदेशी पर्यटक आते हैं। उनके लिए ताजमहल प्रमुख आकर्षण है। खासतौर से महिला पर्यटकों में यह बहुत लोकप्रिय है।
चूंकि यह यूपी में है, इसलिए यहां दुराचार की घटनाओं और खराब कानून व्यवस्था का पर्यटकों पर विपरीत असर पड़ता है।
पर्यटक नहीं आए तो प्रभावित होगा कारोबार
देश में विदेशी पर्यटकों से विदेशी मुद्रा की आय को अगले पांच साल में 50 अरब डॉलर ले जाने का लक्ष्य है। लेकिन विदेशी पर्यटक सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं और घृणित घटनाओं से जल्दी बिदकते हैं।
रावत के अनुसार अगर उनकी संख्या घटी तो होटल, रेस्त्रां, ट्रैवल ट्रांसपोर्ट, एयर इंडस्ट्री से लेकर क्षेत्रीय कारोबारियों और उत्पादकों तक पर इसका असर पड़ेगा।
रावत ने कहा, विश्व में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों से करीब 1,159 अरब डॉलर का कारोबार होता है। इसके पांच प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।
भारत में यह और तेजी से बढ़ने की संभावना रखता है। ऐसे में इस अवसर को भुनाने के लिए बेहतर माहौल बनाने की जरूरत है।