मैगी कंपनी के खिलाफ मुकदमा हुआ दायर, चल रही सुनवाई
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फास्ट फूड मैगी में खतरनाक केमिकल की मिलावट के मामले में शासन ने इसे बनाने वाली कंपनी नेस्ले के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।
शुक्रवार को खाद्य आयुक्त ने अपर खाद्य आयुक्त को बाराबंकी सीजेएम कोर्ट में इस मामले में आपराधिक परिवाद दायर करने का आदेश दिया था।
शनिवार को करीब एक बजे बाराबंकी के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंबादत्त पांडेय के अनुसार शनिवार को सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कर दिया गया।
फूड कमिश्नर के आदेश में कहा गया था कि मैगी में लेड और एमएसजी की मिलावट के मामले में नेस्ले इंडिया, इसके लाइसेंसी के साथ ही ईजी-डे मॉल व उसके संचालक के खिलाफ सीजेएम न्यायालय बाराबंकी में परिवाद दाखिल किया जाए।
इसके बाद खाद्य आयुक्त राम अरज मौर्या ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंबादत्त पांडेय को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
लखनऊ के स्पेंसर स्टोर से नमूने सील
मैगी के खिलाफ देशव्यापी नमूना सैंपलिंग की कार्रवाई के तहत शुक्रवार देर शाम एफएसडीए टीम ने कपूरथला में स्पेंसर स्टोर से मैगी व नूडल्स के एक अन्य उत्पाद के दो नमूने लैब टेस्टिंग के लिए सील किए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह की अगुवाई में मैगी के अलावा चिक्स ब्रांड हाट गार्लिक इस्टेंट नूडल का नमूना भी लिया। लैब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दिनों बाराबंकी के ईजी-डे मॉल से ही मैगी के जब्त नमूने में लेड की मिलावट मानक से काफी ज्यादा पाई गई थी।
जांच में लेड के अलावा मोनो सोडियम ग्लूटामेंट (एमएसजी) भी मिला जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग से सख्त कार्रवाई को कहा है।