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Lucknow News: स्वीमिंग पूल में उतरातीं खामियां, डूबते दावे
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लखनऊ। केडी सिंह बाबू स्टेडियम का ओलंपिक साइज स्वीमिंग पूल को आधी अधूरी तैयारियों के साथ एक अप्रैल से खोलने की योजना बना ली गई है। गत वर्ष पूल को तमाम खामियों के बावजूद खेल विभाग के आधिकारियों ने कार्यदायी संस्था (राजकीय निर्माण निगम) से हस्तांतरित करा लिया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने नए सत्र में इन खामियों को सुधारने की बात कही, लेकिन उनका यह दावा कागजी साबित हुआ। बीते वर्ष यूपी स्वीमिंग एसोसिएशन की ओर से बाबू स्टेडियम में दो राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही एक राज्य स्तरीय फिन स्वीमिंग चैंपियनशिप भी यहां खेली गई। इन आयोजनों के दौरान तमाम खामियां सामने आईं। इस बारे में खेल विभाग के अधिकारियों को अवगत भी कराया गया, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ।
ऐसे में आने वाले सत्र में तैराकों के सामने समस्याओं का अंबार लगाना स्वाभाविक है। इस संबंध में क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी अतुल सिन्हा का कहना है कि हम बाबू स्टेडियम के स्वीमिंग पूल को एक अप्रैल से शुरू कर देंगे। इस दौरान अगर कोई कमी पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था से उनके निस्तारण के संबंध में बात की जाएगी।
कुछ यूं चली स्वीमिंग पूल की जीर्णोद्धार की प्रक्रिया :
यूपी की मेजबानी में वर्ष 2023 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन के नाम पर स्वीमिंग पूल को कवर करने के साथ ऑलवेदर सुविधा से युक्त करने का फैसला लिया गया। शासन स्तर से दो किश्तों में 18 करोड़ 80 लाख और 82 हजार की धनराशि खर्च की गई। यूनिवर्सिटी गेम्स तो यहां नहीं हो पाए, लेकिन पूल के जीर्णोद्धार का काम चलता रहा। इस बीच शासन स्तर से कार्यदायी संस्था को 31 नवंबर 2023 तक पूल के काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। ऐसा न होने पर कार्यदायी संस्था पर प्रतिदिन एक हजार रुपये अर्थदंड लगाने का फैसला किया गया। इस बीच आनन-फानन 13 जून 2025 में खेल विभाग को स्वीमिंग पूल का हस्तांतरण कर दिया गया और अर्थ दंड की बात को भी दबा दिया गया।
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ऐसे में आने वाले सत्र में तैराकों के सामने समस्याओं का अंबार लगाना स्वाभाविक है। इस संबंध में क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी अतुल सिन्हा का कहना है कि हम बाबू स्टेडियम के स्वीमिंग पूल को एक अप्रैल से शुरू कर देंगे। इस दौरान अगर कोई कमी पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था से उनके निस्तारण के संबंध में बात की जाएगी।
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कुछ यूं चली स्वीमिंग पूल की जीर्णोद्धार की प्रक्रिया :
यूपी की मेजबानी में वर्ष 2023 में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन के नाम पर स्वीमिंग पूल को कवर करने के साथ ऑलवेदर सुविधा से युक्त करने का फैसला लिया गया। शासन स्तर से दो किश्तों में 18 करोड़ 80 लाख और 82 हजार की धनराशि खर्च की गई। यूनिवर्सिटी गेम्स तो यहां नहीं हो पाए, लेकिन पूल के जीर्णोद्धार का काम चलता रहा। इस बीच शासन स्तर से कार्यदायी संस्था को 31 नवंबर 2023 तक पूल के काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। ऐसा न होने पर कार्यदायी संस्था पर प्रतिदिन एक हजार रुपये अर्थदंड लगाने का फैसला किया गया। इस बीच आनन-फानन 13 जून 2025 में खेल विभाग को स्वीमिंग पूल का हस्तांतरण कर दिया गया और अर्थ दंड की बात को भी दबा दिया गया।
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