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यूपी के गाजीपुर में लगेगा देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज सेंटर, ऐसे आएगा लोगों के काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:43 PM IST
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- फोटो : demo pic
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केंद्र सरकार प्रदेश के गाजीपुर जिले में देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है। मकसद है पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करना और इसकी जगह मेथेनॉल के प्रयोग को बढ़ावा देना। इनलैंड वाटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसके लिए टेंडर निकालने के निर्देश दे दिए गए हैं।
नीति आयोग ने प्रदेश सरकार को प्रयोग के तौर पर 20 हजार परिवारों को मेथेनॉल कुक-स्टोव देने का प्रस्ताव भेजा है। पहले चरण में उज्ज्वला योजना से वंचित 10 हजार पात्र परिवारों को यह कुक-स्टोव देने की योजना है। इसके साथ ही इन परिवारों को मेथेनॉल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एक वर्ष के लिए 300 टन मेथेनॉल की जरूरत होगी। इसके अलावा प्रयोग के तौर पर प्रदेश के 20 गांवों में मेथेनॉल से चलने वाले जनरेटर से बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि यंत्रों को डीजल के बजाय मेथेनॉल से चलाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।
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नीति आयोग में मेथेनॉल पायलट प्रोजेक्ट की कोर कमेटी के सदस्य प्रशांत श्रीनिवास ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि भविष्य में मेथेनॉल के अधिकाधिक इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए यूपी के गाजीपुर में करीब 10 हजार टन क्षमता का मेथेनॉल स्टोरज व बंकरिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके टेंडर के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी को अधिकृत किया गया है। यह देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर होगा। यहीं से पूरे प्रदेश में मेथेनॉल की आपूर्ति की जाएगी।
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नीति आयोग ने प्रदेश सरकार को प्रयोग के तौर पर 20 हजार परिवारों को मेथेनॉल कुक-स्टोव देने का प्रस्ताव भेजा है। पहले चरण में उज्ज्वला योजना से वंचित 10 हजार पात्र परिवारों को यह कुक-स्टोव देने की योजना है। इसके साथ ही इन परिवारों को मेथेनॉल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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एक वर्ष के लिए 300 टन मेथेनॉल की जरूरत होगी। इसके अलावा प्रयोग के तौर पर प्रदेश के 20 गांवों में मेथेनॉल से चलने वाले जनरेटर से बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि यंत्रों को डीजल के बजाय मेथेनॉल से चलाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।
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नीति आयोग में मेथेनॉल पायलट प्रोजेक्ट की कोर कमेटी के सदस्य प्रशांत श्रीनिवास ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि भविष्य में मेथेनॉल के अधिकाधिक इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए यूपी के गाजीपुर में करीब 10 हजार टन क्षमता का मेथेनॉल स्टोरज व बंकरिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके टेंडर के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी को अधिकृत किया गया है। यह देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर होगा। यहीं से पूरे प्रदेश में मेथेनॉल की आपूर्ति की जाएगी।
हल्दिया से गाजीपुर जल मार्ग से आएगा मेथेनाल
प्रशांत ने बताया कि फिलहाल यूपी के लिए असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड मेथेनाल उपलब्ध कराएगा। इसे जल परिवहन (कार्गो शिप) के जरिये हल्दिया ( कोलकाता) से गाजीपुर लाया जाएगा। मगर, एक वर्ष में यूपी में ही मेथेनॉल उत्पादन शुरू करने की योजना है। इस पर काम चल रहा है। शहरी कचरा, कृषि अपशिष्ट व बायोमास से मेथेनॉल उत्पादन प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। इसके लिए आईआईटी बीएचयू को 100 लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला बायोमास उत्पादन प्लांट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे प्लांट की जगह-जगह स्थापना की जाएगी।
10 करोड़ निवेश, 100 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
गाजीपुर मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर पर करीब 10 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे 100 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। आने वाले दिनों में जगह-जगह मेथेनाल उत्पादन प्लांट लगेंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
10 करोड़ निवेश, 100 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
गाजीपुर मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर पर करीब 10 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे 100 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। आने वाले दिनों में जगह-जगह मेथेनाल उत्पादन प्लांट लगेंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।