लखनऊ यूनीवर्सिटी में सरेआम लहराए गए असलहे
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एलयू परिसर में बुधवार को तीन-चार लग्जरी गाड़ियों से आए लड़कों ने गेट नंबर-एक से अंदर घुसकर खुलेआम असलहों का प्रदर्शन किया। पुलिस ने जब इन गाड़ियों की तलाशी का प्रयास किया तो वे भाग निकले।
बताया जा रहा है कि इस मामले के तार सोमवार को कैशियर ऑफिस के बाहर हुई मारपीट से जुड़े हैं। इस घटना के बाद समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने विवि परिसर में सुरक्षा के मुद्दे को लेकर हंगामा किया।
फिलहाल प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने 15 अगस्त तक परिसर में सभी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
केवल कुलपति, कुल सचिव, वित्त अधिकारी, चीफ प्रॉक्टर, परीक्षा नियंत्रक सहित 6-7 अधिकृत गाड़ियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि छात्र-छात्राओं को आईकार्ड, प्रवेश की रसीद या काउंसलिंग लेटर दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। बताया कि परिसर में पीएसी लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस चेकिंग से पहले ही भाग निकले
कैशियर काउंटर के सामने सोमवार को स्नातक के छात्र लवनीश सिंह को लाइन से बाहर निकालकर पीटा गया था। इस मामले में मंगलवार को एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. नीरज जैन ने एनडी हॉस्टल के छात्र आदित्य यादव और अजय पांडेय को नोटिस दिया था।
आदित्य और अजय समझौते की बात कहते हुए बुधवार को एलयू पहुंचे, इनके साथ हॉस्टल के अन्य छात्र भी थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दूसरी तरफ से 3-4 लग्जरी गाड़ियों से छात्र आए थे। इनके पास असलहे और हॉकी स्टिक थी।
समझौते के दौरान ही गहमागहमी का माहौल बना तो महमूदाबाद हॉस्टल के छात्र आशीष नायक ने इनमें से एक गाड़ी के शीशे पर घूंसा मारा। इससे गाड़ी का शीशा टूट गया और नायक का हाथ जख्मी हो गया। तभी वहां पहुंचे समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने मामला खत्म कराने का प्रयास किया। इन लोगों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड व 100 नंबर पर भी सूचना दी।
कुछ ही देर में हसनगंज थाने की पुलिस पहुंची और लग्जरी गाड़ियों की चेकिंग करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस के सामने ही छात्र गाड़ियों में बैठकर निकल भागे। इनमें से एक छात्र का नाम अमन सिंह चौहान बताया जा रहा है जो क्रिमिनॉलोजी विभाग का छात्र है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ियों से आए लड़कों के पास असलहे भी थे। इनमें से एक ने तो हवा में असलहा लहराया भी था।
कुछ दिन पहले चीफ प्रॉक्टर के ऑफिस से लड़के को बाहर निकालकर पीटा गया तो तो सोमवार को कैशियर ऑफिस के सामने मारपीट हुई। इसके बावजूद बुधवार को समाजवादी पार्टी की साइकिल रैली को परिसर के अंदर जाने की इजाजत दे दी गई। सूूत्रों की मानें तो रैली की आड़ में ही अराजक तत्व अपनी गाड़ियां भी लेकर विवि में प्रवेश कर गए।