{"_id":"5bcf315abdec22233165d47c","slug":"fir-registered-against-azam-khan-for-commenting-on-br-ambedkar","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंबेडकर पर दो साल पहले दिए विवादित बयान पर फंसे आजम खां, एफआईआर दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंबेडकर पर दो साल पहले दिए विवादित बयान पर फंसे आजम खां, एफआईआर दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 23 Oct 2018 08:04 PM IST
विज्ञापन
आजम खां
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के महामंत्री अमर नाथ प्रजापति ने दो साल पुराने एक मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें आजम पर डॉ. भीमराव आंबेडकर के लिए अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
मामले में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि धमकाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
निर्मल ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 6 सितंबर 2016 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री आजम खां ने गाजियाबाद में मंच से डॉ. आंबेडकर के लिए गलत शब्दों का प्रयोग किया था। आजम खां ने डॉ. आंबेडकर को लेकर कहा था कि इस आदमी के हाथ का इशारा कहता है कि जहां पर खड़े हैं, ये जमीन तो हमारी है। सामने वाला प्लॉट भी मेरा है। इस बयान का वीडियो भी जारी किया गया है।
विज्ञापन
लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि उस वक्त मंच पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद थे पर अखिलेश ने न तो आजम खां की बात खंडन किया और न ही उन्हें बोलने से रोका। निर्मल ने कहा कि इस बयान पर आजम खां को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
निर्मल ने कहा कि मायावती ने भी आजम खां के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करवाया। मायावती को जवाब देना चाहिए कि जिस पार्टी का नेता डॉ. आंबेडकर को जमीन कब्जा करने वाला बता रहा है, उस पार्टी के साथ वह किस तरह का रिश्ता चाहती हैं।
अखिलेश यादव को भी बताना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेता ने बाबा साहेब को लेकर जो बोला है, उसको लेकर उनकी क्या राय है। अखिलेश इस बयान से सहमत हैं या आजम खां को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।