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एनकाउंटर की धमकी देकर मांगे पांच लाख, दो सिपाहियों सहित चार मुकदमा
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पीड़ित अतुल की तहरीर पर चार के खिलाफ हुई कार्रवाई। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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एसटीएफ के जवान बनकर बाराबंकी निवासी ठेकेदार व प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह को एनकाउंटर की धमकी देकर पांच लाख मांगने का वीडियो व शिकायती पत्र शुक्रवार को वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।
आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर से आरोपियों ने 70 हजार रुपये लूट लिए। पुलिसकर्मियों व तथाकथित पत्रकार के इस गिरोह ने पूरी वारदात मड़ियांव थाने के बाहर अंजाम दी।
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के आदेश पर मड़ियांव थाने के दोनों सिपाहियों व कथित पत्रकार सहित चार के खिलाफ लूट, साजिश रचने व कार में बंधक बनाने को लेकर केस दर्ज किया गया।
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दो पुलिसकर्मियों व कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पीड़ित ने मामले की शिकायत मड़ियांव थाने में की थी, पर सुनवाई नहीं हुई थी।
एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक अतुल सिंह परिवार सहित रायपुर इलाके में रहता है। अतुल के लेनदेन के विवाद की शिकायतें पहले से थी।
इसकी जानकारी उसके पूर्व परिचित मड़ियांव निवासी शिवांशु मिश्र को थी। अतुल के मुताबिक, 12 अप्रैल को वह भिठौली तिराहे पर पत्नी को यूपीएससी का फॉर्म भराने गया था, जहां शिवांशु मौजूद था।
फॉर्म भरने के बाद अतुल अपनी गाड़ी से जानकीपुरम जाने लगा। शिवांशु ने उसका पीछा किया। एक कार में सवार लोग भी उसका पीछा कर रहे थे।
भिठौली क्रॉसिंग के पास कार सवारों ने ओवरटेक कर अतुल को रोक लिया। दो लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच और एसटीएफ कर्मी बताते हुए उस पर असलहा तान दिया।
इसके बाद उसे कार सहित मड़ियांव थाने के पीछे ले गए। सवाल-जवाब किया तो आरोपितों ने धमकाया कि शाइन सिटी कंपनी के कर्मचारी रहे हो। तुम्हारे खिलाफ 15 से अधिक केस हैं।
आरोप है कि उसने खुद शाइन सिटी कंपनी पर मुकदमा दर्ज करा रखा है। इस पर सिपाहियों ने उसकी गाड़ी में असलहा दिखाकर जेल भेजने की बात कहते हुए पांच लाख की मांग की।
आरोपियों को उसने 18 हजार रुपये दिए। आरोपी सिपाही अनिल व सुधीर ने आरोपी आकाश को पीड़ित की कार से और रुपये लेने के लिए भेजा। इस पर पीड़ित ने पत्नी के खाते से 10 हजार और एक दोस्त से 18 हजार रुपये उधार लेकर आकाश को दिए।
इसके बाद उसे जाने दिया गया। अगले दिन आरोपियों ने कॉल कर पांच लाख की मांग की। घबराए अतुल ने पेटीएम से 24 हजार रुपये आकाश सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पत्नी को बुला जनसेवा केंद्र से भी निकाला पैसा
एसटीएफ के जवान बनकर बाराबंकी के ठेकेदार व प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह से पैसे ऐंठने के लिए आरोपियों ने हर हथकंडे अपनाए। अतुल के मुताबिक, एसटीएफ बताकर एनकाउंटर की धमकी देने वालों ने 19 हजार लेने के बाद और पैसे की मांग तुरंत की। इस पर वह एक युवक के साथ गया और जनसेवा केंद्र पर पत्नी को बुलाकर 26 हजार रुपये निकालकर दिए। यह हादसा सीसीटीवी में कैद भी हुआ। यह पूरी डील थाना परिसर में होने से शक भी नहीं हुआ। पैसे का इंतजाम कर ही रहा था कि फिर से धमकियां मिलने लगीं। अतुल के मुताबिक, 13 अप्रैल को उठाने वाले में से आकाश सिंह नाम के युवक का फोन आया। उसने अपने खाते में पैसा भेजने को कहा। जब उसका अकाउंट चेक किया तो उसका नाम जगदीश सिंह लोधी दिखा। शक होने पर उसे बातों में फंसाकर 20 हजार रुपये भेज दिए और मिलने के लिए बुलाया। 14 अप्रैल को गोमतीनगर में मिलने आया और बताया कि इसमें शिवांशु और थाने के दो सिपाही मिले हैं। इस बीच शिवांशु घर पहुंचा और पांच लाख न देने पर पूरे परिवार को जेल भिजवाने और एनकाउंटर की धमकी दी। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि पीड़ित का पत्रकार से लेनदेन का विवाद था। इसके चलते उसने परिचित सिपाहियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। लेनदेन के विवाद की बात सामने आई है।
तथाकथित पत्रकार ने सिपाहियों संग मिल रची थी साजिश
रुपये ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित ने आकाश को घर बुलाया और वारदात के पीछे का मकसद पूछा। आकाश ने बताया कि सारा खेल शिवांशु ने रचा था। पीड़ित ने शिवांशु को कॉल किया तो आरोपित शिवांशु ने पांच लाख की मांग और रुपये न देने पर पीड़ित को धमकी दी। पूरा खेल सामने आने के बाद पीड़ित अतुल ने मामले की शिकायत एडीसीपी नॉर्थ प्राची सिंह और एसीपी अलीगंज अली अब्बास से की। दोनों अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच कराई तो पता चला कि सिपाही अनिल और सुधीर ने पीड़ित को डरा-धमका कर रुपये छीने थे। इसके बाद शुक्रवार सुबह पीड़ित को मड़ियांव थाने बुलाया गया। जहां दोनों सिपाहियों अनिल सिंह, सुधीर सिंह, कथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा और उसके साथी आकाश सिंह के खिलाफ लूट, बंधक बनाने और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। देर शाम को अधिकारियों के निर्देश पर मड़ियांव पुलिस ने आरोपी सिपाही अनिल सिंह, सुधीर सिंह और कथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित आकाश सिंह फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
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आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर से आरोपियों ने 70 हजार रुपये लूट लिए। पुलिसकर्मियों व तथाकथित पत्रकार के इस गिरोह ने पूरी वारदात मड़ियांव थाने के बाहर अंजाम दी।
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पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के आदेश पर मड़ियांव थाने के दोनों सिपाहियों व कथित पत्रकार सहित चार के खिलाफ लूट, साजिश रचने व कार में बंधक बनाने को लेकर केस दर्ज किया गया।
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दो पुलिसकर्मियों व कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पीड़ित ने मामले की शिकायत मड़ियांव थाने में की थी, पर सुनवाई नहीं हुई थी।
एसीपी अलीगंज अली अब्बास के मुताबिक अतुल सिंह परिवार सहित रायपुर इलाके में रहता है। अतुल के लेनदेन के विवाद की शिकायतें पहले से थी।
इसकी जानकारी उसके पूर्व परिचित मड़ियांव निवासी शिवांशु मिश्र को थी। अतुल के मुताबिक, 12 अप्रैल को वह भिठौली तिराहे पर पत्नी को यूपीएससी का फॉर्म भराने गया था, जहां शिवांशु मौजूद था।
फॉर्म भरने के बाद अतुल अपनी गाड़ी से जानकीपुरम जाने लगा। शिवांशु ने उसका पीछा किया। एक कार में सवार लोग भी उसका पीछा कर रहे थे।
भिठौली क्रॉसिंग के पास कार सवारों ने ओवरटेक कर अतुल को रोक लिया। दो लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच और एसटीएफ कर्मी बताते हुए उस पर असलहा तान दिया।
इसके बाद उसे कार सहित मड़ियांव थाने के पीछे ले गए। सवाल-जवाब किया तो आरोपितों ने धमकाया कि शाइन सिटी कंपनी के कर्मचारी रहे हो। तुम्हारे खिलाफ 15 से अधिक केस हैं।
आरोप है कि उसने खुद शाइन सिटी कंपनी पर मुकदमा दर्ज करा रखा है। इस पर सिपाहियों ने उसकी गाड़ी में असलहा दिखाकर जेल भेजने की बात कहते हुए पांच लाख की मांग की।
आरोपियों को उसने 18 हजार रुपये दिए। आरोपी सिपाही अनिल व सुधीर ने आरोपी आकाश को पीड़ित की कार से और रुपये लेने के लिए भेजा। इस पर पीड़ित ने पत्नी के खाते से 10 हजार और एक दोस्त से 18 हजार रुपये उधार लेकर आकाश को दिए।
इसके बाद उसे जाने दिया गया। अगले दिन आरोपियों ने कॉल कर पांच लाख की मांग की। घबराए अतुल ने पेटीएम से 24 हजार रुपये आकाश सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पत्नी को बुला जनसेवा केंद्र से भी निकाला पैसा
एसटीएफ के जवान बनकर बाराबंकी के ठेकेदार व प्रॉपर्टी डीलर अतुल सिंह से पैसे ऐंठने के लिए आरोपियों ने हर हथकंडे अपनाए। अतुल के मुताबिक, एसटीएफ बताकर एनकाउंटर की धमकी देने वालों ने 19 हजार लेने के बाद और पैसे की मांग तुरंत की। इस पर वह एक युवक के साथ गया और जनसेवा केंद्र पर पत्नी को बुलाकर 26 हजार रुपये निकालकर दिए। यह हादसा सीसीटीवी में कैद भी हुआ। यह पूरी डील थाना परिसर में होने से शक भी नहीं हुआ। पैसे का इंतजाम कर ही रहा था कि फिर से धमकियां मिलने लगीं। अतुल के मुताबिक, 13 अप्रैल को उठाने वाले में से आकाश सिंह नाम के युवक का फोन आया। उसने अपने खाते में पैसा भेजने को कहा। जब उसका अकाउंट चेक किया तो उसका नाम जगदीश सिंह लोधी दिखा। शक होने पर उसे बातों में फंसाकर 20 हजार रुपये भेज दिए और मिलने के लिए बुलाया। 14 अप्रैल को गोमतीनगर में मिलने आया और बताया कि इसमें शिवांशु और थाने के दो सिपाही मिले हैं। इस बीच शिवांशु घर पहुंचा और पांच लाख न देने पर पूरे परिवार को जेल भिजवाने और एनकाउंटर की धमकी दी। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि पीड़ित का पत्रकार से लेनदेन का विवाद था। इसके चलते उसने परिचित सिपाहियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। लेनदेन के विवाद की बात सामने आई है।
तथाकथित पत्रकार ने सिपाहियों संग मिल रची थी साजिश
रुपये ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित ने आकाश को घर बुलाया और वारदात के पीछे का मकसद पूछा। आकाश ने बताया कि सारा खेल शिवांशु ने रचा था। पीड़ित ने शिवांशु को कॉल किया तो आरोपित शिवांशु ने पांच लाख की मांग और रुपये न देने पर पीड़ित को धमकी दी। पूरा खेल सामने आने के बाद पीड़ित अतुल ने मामले की शिकायत एडीसीपी नॉर्थ प्राची सिंह और एसीपी अलीगंज अली अब्बास से की। दोनों अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच कराई तो पता चला कि सिपाही अनिल और सुधीर ने पीड़ित को डरा-धमका कर रुपये छीने थे। इसके बाद शुक्रवार सुबह पीड़ित को मड़ियांव थाने बुलाया गया। जहां दोनों सिपाहियों अनिल सिंह, सुधीर सिंह, कथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा और उसके साथी आकाश सिंह के खिलाफ लूट, बंधक बनाने और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। देर शाम को अधिकारियों के निर्देश पर मड़ियांव पुलिस ने आरोपी सिपाही अनिल सिंह, सुधीर सिंह और कथित पत्रकार शिवांशु मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित आकाश सिंह फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।