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मकान के नाम पर 35 लाख रुपये हड़पे
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मकान दिलाने का झांसा देकर 35 लाख रुपये ऐंठे, रिवॉल्वर तानकर धमकाया
हसनगंज कोतवाली में मकान का झांसा देकर 35 लाख रुपये हड़पने के मामले में ठाकुरगंज के तहसीनगंज में रहने वाले जावेद रजा ने महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पीड़ित जावेद का कहना है कि मकान नहीं मिला तो उन्होंने रुपया वापस मांगा। इस पर आरोपियों ने रिवॉल्वर तानते हुए जानमाल की धमकी देकर भगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित ने बताया कि नवंबर 2015 को उसकी मुफ्तीगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर निहाल अख्तर उर्फ निहार हुसैन से मुलाकात हुई थी।
निहाल ने डालीगंज के कदम रसूल वार्ड स्थित इरादतनगर में 1600 वर्ग फीट का मकान 30 लाख रुपये में दिलाने की बात कही।
उसने कहा कि मकान खरीदने के लिए बैंक से लोन भी करा देगा। जावेद उसके झांसे में आ गया।
निहाल ने उसे घर बुलाया, जहां सुल्तानपुर की काफिया बानो सिद्दीकी, फातिमानगर निवासी मो. सदरे आलम, टीले वाली मस्जिद के पास गायत्रीनगर के इंतेखाब आलम और त्रिवेणीनगर के अवनीश कुमार भी मौजूद थे।
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निहाल ने बताया कि मकान काफिया बानो का है। उन्हें रुपयों की सख्त जरूरत है इसलिए वह कम कीमत में मकान बेचना चाहती हैं।
बाकी तीन लोगों को उसने बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उक्त लोग होम लोन कराने के लिए आए हैं।
मकान खरीदने के लिए उसने जावेद से आठ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा। निहाल का कहना था कि दो लाख रुपये होम लोन में खर्च होंगे जबकि छह लाख रुपये मकान मालकिन को देने होंगे।
बाकी के 24 लाख रुपये का लोन मिल जाएगा। जावेद ने एक लाख रुपये बतौर बयाना व दो लाख रुपये होम लोन के नाम पर ठगों को दे दिए।
18 जनवरी 2016 को काफिया बानो ने मकान का बैनामा कर दिया। 14 जनवरी 2016 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की चौक शाखा से 24 लाख रुपये का लोन हो गया।
जावेद ने छह लाख रुपये काफिया बानो को नकद दे दिए। इसके अलावा कुछ और रुपया भी दिया।
मकान पर कब्जा देने की बात पर निहाल व अन्य लोग कोई न कोई बहाना बनाकर टरकाते रहे। धीरे-धीरे तीन साल बीत गए, लेकिन कब्जा नहीं मिला।
जावेद ने रुपया वापस मांगा तो एक सितंबर 2019 को निहाल ने अपने घर बुलाया। वहां जाने पर मो. सदरे आलम, इंतेखाब आलम व कुछ अज्ञात लोग मिले और मकान व रुपया भूल जाने की बात कहते हुए असलहा तानकर जानमाल की धमकी दी।
विरोध करने पर सबने मिलकर जावेद को पीटा और भगा दिया। पीड़ित जावेद का कहना है कि सबने मिलकर उसके 35 लाख रुपये ठग लिए।
छानबीन में यह भी पता चला कि काफिया बानो की जगह ठगों ने किसी फर्जी औरत को खड़ा करके बैनामा कराया था।
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हसनगंज कोतवाली में मकान का झांसा देकर 35 लाख रुपये हड़पने के मामले में ठाकुरगंज के तहसीनगंज में रहने वाले जावेद रजा ने महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पीड़ित जावेद का कहना है कि मकान नहीं मिला तो उन्होंने रुपया वापस मांगा। इस पर आरोपियों ने रिवॉल्वर तानते हुए जानमाल की धमकी देकर भगा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पीड़ित ने बताया कि नवंबर 2015 को उसकी मुफ्तीगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर निहाल अख्तर उर्फ निहार हुसैन से मुलाकात हुई थी।
निहाल ने डालीगंज के कदम रसूल वार्ड स्थित इरादतनगर में 1600 वर्ग फीट का मकान 30 लाख रुपये में दिलाने की बात कही।
उसने कहा कि मकान खरीदने के लिए बैंक से लोन भी करा देगा। जावेद उसके झांसे में आ गया।
निहाल ने उसे घर बुलाया, जहां सुल्तानपुर की काफिया बानो सिद्दीकी, फातिमानगर निवासी मो. सदरे आलम, टीले वाली मस्जिद के पास गायत्रीनगर के इंतेखाब आलम और त्रिवेणीनगर के अवनीश कुमार भी मौजूद थे।
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निहाल ने बताया कि मकान काफिया बानो का है। उन्हें रुपयों की सख्त जरूरत है इसलिए वह कम कीमत में मकान बेचना चाहती हैं।
बाकी तीन लोगों को उसने बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उक्त लोग होम लोन कराने के लिए आए हैं।
मकान खरीदने के लिए उसने जावेद से आठ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा। निहाल का कहना था कि दो लाख रुपये होम लोन में खर्च होंगे जबकि छह लाख रुपये मकान मालकिन को देने होंगे।
बाकी के 24 लाख रुपये का लोन मिल जाएगा। जावेद ने एक लाख रुपये बतौर बयाना व दो लाख रुपये होम लोन के नाम पर ठगों को दे दिए।
18 जनवरी 2016 को काफिया बानो ने मकान का बैनामा कर दिया। 14 जनवरी 2016 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की चौक शाखा से 24 लाख रुपये का लोन हो गया।
जावेद ने छह लाख रुपये काफिया बानो को नकद दे दिए। इसके अलावा कुछ और रुपया भी दिया।
मकान पर कब्जा देने की बात पर निहाल व अन्य लोग कोई न कोई बहाना बनाकर टरकाते रहे। धीरे-धीरे तीन साल बीत गए, लेकिन कब्जा नहीं मिला।
जावेद ने रुपया वापस मांगा तो एक सितंबर 2019 को निहाल ने अपने घर बुलाया। वहां जाने पर मो. सदरे आलम, इंतेखाब आलम व कुछ अज्ञात लोग मिले और मकान व रुपया भूल जाने की बात कहते हुए असलहा तानकर जानमाल की धमकी दी।
विरोध करने पर सबने मिलकर जावेद को पीटा और भगा दिया। पीड़ित जावेद का कहना है कि सबने मिलकर उसके 35 लाख रुपये ठग लिए।
छानबीन में यह भी पता चला कि काफिया बानो की जगह ठगों ने किसी फर्जी औरत को खड़ा करके बैनामा कराया था।