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Lucknow News: आवास विकास परिषद का संयुक्त आयुक्त बन ठगे 1.45 करोड़

Wed, 19 Apr 2023 07:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Apr 2023 07:21 PM IST
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Fir of fraud of 1.45 crore is filed
- तीन से वृंदावन आवासीय योजना में भूखंड व भवन दिलाने के नाम पर ठगी
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- आवास विकास परिषद के बर्खास्त बाबू के पकड़े जाने पर सामने आया था मामला
माई सिटी रिपोर्टरलखनऊ। आवास विकास परिषद में खुद को संयुक्त आयुक्त बताकर जालसाज ने गिरोह के साथ मिलकर तीन लोगों से 1.45 करोड़ रुपये की ठगी की। सौ रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कराया और पीड़ितों को जाली अलाॅटमेंट लेटर भी दे दिया। मार्च में मुख्य आरोपी आवास विकास परिषद के बर्खास्त बाबू राजेंद्र प्रसाद को पीजीआई पुलिस ने जब जेल भेजा तो फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। पीड़ितों ने रकम वापस मांगी तो मुख्य आरोपी के परिजन व करीबियों ने घर पर आकर धमकाया। आजिज आकर पीड़ित ने आशियाना थाने में केस दर्ज कराया है।

आशियाना के शारदानगर रुचिखंड-1 निवासी आलम के मुताबिक, उनकी मुलाकात वृंदावन काॅलोनी निवासी राजेंद्र प्रसाद से आलमबाग के पूर्व परिचित सिराजुद्दीन ने कराई थी। राजेंद्र ने काॅलोनी में रिसेल के कई भूखंड व भवन के बारे में बताया था। भूखंड देखने के बाद राजेंद्र उनके आवास पर पहुंचा। साथ में अजय उर्फ देवकरन, यशवंत सिंह यादव थे। इनके अलावा दो और लोग थे एक लक्ष्मण प्रसाद व अनिल कुमार थे। दोनों का परिचय राजेंद्र प्रसाद ने आवास विकास परिषद में संयुक्त आयुक्त के रूप में दिया। आलम के मुताबिक, उसके अलावा दो परिचित सुभाष शर्मा और सिराजुल हक ने प्लाॅट लेने पर हामी भर दी।
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आलम के मुताबिक, सौदा तय करने के बाद एग्रीमेंट कराया। सभी चार भूखंडों व भवन के लिए अग्रिम भुगतान कई बार में घर आकर वसूला। आलम ने 1.15 करोड़, सुभाष ने 20 लाख और सिराजुल ने 10 लाख रुपये दिए। आरोपियों ने आवास विकास परिषद से जारी जाली अलॉटमेंट लेटर थमा दिया। इसमें नसीम व कलीम के नाम से भूखंड होने की बात थी। वहीं, अन्य भूखंडों के अलाॅटमेंट लेटर बाद में देने के लिए कहा।
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आलम के मुताबिक, मार्च में राजेंद्र को पीजीआई पुलिस ने जालसाजी के मामले में जेल भेज दिया। इसकी जानकारी होने पर आवास विकास परिषद कार्यालय जाकर डिटेल खंगाली तो उसके खिलाफ जालसाजी के कई मामले मिले। अलाॅटमेंट लेटर भी जाली मिले। कानूनी कार्रवाई करने की जानकारी होते ही राजेंद्र की पत्नी रूपमणि राय, उसके करीबी शानू व इमरान ने धमकी दी।

जेल से रिहा होने के बाद राजेंद्र अपने भाई देवकरन, यशवंत यादव, सिराजुद्दीन शेख, शानू व इमरान के साथ घर पर पहुंचा। धमकाया कि ज्यादा दिक्कत करोगे तो जान से मार देंगे। इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, मंगलवार देर शाम केस दर्ज कर लिया गया। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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