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अधिवक्ताओं समेत सात पर फ्लैट की रजिस्ट्री कराने व 70 लाख रंगदारी मांगने का केस
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अधिवक्ताओं समेत सात पर फ्लैट की रजिस्ट्री कराने व 70 लाख रुपये रंगदारी मांगने का केस
गाजीपुर थाने में लेखराज होम्स के मालिक रजत गर्ग ने अधिवक्ता विशाल जालान समेत सात लोगों पर फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का दबाव डालने और 70 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
रजत गर्ग का आरोप है कि विशाल व उसके साथी शहर के प्रतिष्ठित लोगों को डरा-धमकाकर उनकी संपत्ति हड़पने, उगाही करने व ब्लैकमेलिंग का व्यापार करते हैं।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि रजत गर्ग ने कपूरथला के पालिका बाजार निवासी अधिवक्ता विशाल जालान, उनकी पत्नी मीनू जालान, अधिवक्ता आशीष कुमार श्रीवास्तव, पवन प्रेम नारायण सिंह उर्फ पवन कुमार यादव उर्फ रेवन, आलोक कुमार सोनी, निशातगंज की पेपरमिल कॉलोनी में रहने वाले योगेश मिश्रा व रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना निवासी शिवकांत त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
रजत गर्ग का आरोप है कि विशाल जालान ने 30 जुलाई को उनके कर्मचारी केदार यती को फोन कॉल कर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी।
रुपया न मिलने पर उसने रजत गर्ग व उनके परिवारीजनों को बर्बाद करने की धमकी दी। एक अगस्त की दोपहर विशाल के साथी पवन कुमार यादव ने उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करके 70 लाख रुपये मांगे।
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उसने लेखराज होम्स में एक फ्लैट की सेलडीड अपने नाम कराने की धमकी दी। दो अगस्त को विशाल, पवन और उनके अन्य गुंडे साथी लेखराज मार्केट स्थित ऑफिस आए और फ्लैट की सेलडीड अपने नाम कराने का दबाव बनाया।
विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। रजत के मुताबिक, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही विशाल व उनके साथी मौके से भाग निकले। अब वह रंगदारी न देने पर उन्हें व परिवारीजनों को धमका रहे हैं।
रजत गर्ग का यह भी कहना है कि विशाल ने उनके खिलाफ 23 अगस्त 2017 को गोमतीनगर में एक फर्जी एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि विशाल व उनके साथी गिरोह बनाकर प्रतिष्ठित लोगों से रकम ऐंठने का धंधा करते हैं। उक्त लोगों ने विभिन्न विभागों में झूठी शिकायतें करके ब्लैकमेलिंग की कोशिश की।
मां-बेटे के खिलाफ गंभीर साक्ष्य, पेशबंदी में केस कराने का आरोप
विशाल जालान का कहना है कि रजत गर्ग और उनकी मां सविता गर्ग के खिलाफ कई गंभीर धोखाधड़ी के साक्ष्य मिले हैं। मां-बेटे ने विभिन्न बैंक में फर्जी नाम व फोटो लगाकर 15-20 अकाउंट खोले हैं जिसमें नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये जमा किए गए थे। जिस पवन को रजत गुंडा बता रहे हैं, उसने लेखराज होम्स में फ्लैट खरीदने के लिए रुपया दिया था। रजत ने फ्लैट के नाम पर उससे ठगी की। अब वह रजिस्ट्री करने से मना कर रहे हैं। वर्ष 2017 में मां-बेटे के फर्जीवाड़ों का कच्चा चिट्ठा निकलवाकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो रजत व उसके गुंडों ने गोमतीनगर के विश्वासखंड में रोककर मारपीट व लूटपाट की जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी पेशबंदी में उन्होंने फर्जी केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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गाजीपुर थाने में लेखराज होम्स के मालिक रजत गर्ग ने अधिवक्ता विशाल जालान समेत सात लोगों पर फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का दबाव डालने और 70 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
रजत गर्ग का आरोप है कि विशाल व उसके साथी शहर के प्रतिष्ठित लोगों को डरा-धमकाकर उनकी संपत्ति हड़पने, उगाही करने व ब्लैकमेलिंग का व्यापार करते हैं।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि रजत गर्ग ने कपूरथला के पालिका बाजार निवासी अधिवक्ता विशाल जालान, उनकी पत्नी मीनू जालान, अधिवक्ता आशीष कुमार श्रीवास्तव, पवन प्रेम नारायण सिंह उर्फ पवन कुमार यादव उर्फ रेवन, आलोक कुमार सोनी, निशातगंज की पेपरमिल कॉलोनी में रहने वाले योगेश मिश्रा व रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना निवासी शिवकांत त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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रजत गर्ग का आरोप है कि विशाल जालान ने 30 जुलाई को उनके कर्मचारी केदार यती को फोन कॉल कर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी।
रुपया न मिलने पर उसने रजत गर्ग व उनके परिवारीजनों को बर्बाद करने की धमकी दी। एक अगस्त की दोपहर विशाल के साथी पवन कुमार यादव ने उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करके 70 लाख रुपये मांगे।
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उसने लेखराज होम्स में एक फ्लैट की सेलडीड अपने नाम कराने की धमकी दी। दो अगस्त को विशाल, पवन और उनके अन्य गुंडे साथी लेखराज मार्केट स्थित ऑफिस आए और फ्लैट की सेलडीड अपने नाम कराने का दबाव बनाया।
विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। रजत के मुताबिक, उन्होंने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही विशाल व उनके साथी मौके से भाग निकले। अब वह रंगदारी न देने पर उन्हें व परिवारीजनों को धमका रहे हैं।
रजत गर्ग का यह भी कहना है कि विशाल ने उनके खिलाफ 23 अगस्त 2017 को गोमतीनगर में एक फर्जी एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि विशाल व उनके साथी गिरोह बनाकर प्रतिष्ठित लोगों से रकम ऐंठने का धंधा करते हैं। उक्त लोगों ने विभिन्न विभागों में झूठी शिकायतें करके ब्लैकमेलिंग की कोशिश की।
मां-बेटे के खिलाफ गंभीर साक्ष्य, पेशबंदी में केस कराने का आरोप
विशाल जालान का कहना है कि रजत गर्ग और उनकी मां सविता गर्ग के खिलाफ कई गंभीर धोखाधड़ी के साक्ष्य मिले हैं। मां-बेटे ने विभिन्न बैंक में फर्जी नाम व फोटो लगाकर 15-20 अकाउंट खोले हैं जिसमें नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये जमा किए गए थे। जिस पवन को रजत गुंडा बता रहे हैं, उसने लेखराज होम्स में फ्लैट खरीदने के लिए रुपया दिया था। रजत ने फ्लैट के नाम पर उससे ठगी की। अब वह रजिस्ट्री करने से मना कर रहे हैं। वर्ष 2017 में मां-बेटे के फर्जीवाड़ों का कच्चा चिट्ठा निकलवाकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की तो रजत व उसके गुंडों ने गोमतीनगर के विश्वासखंड में रोककर मारपीट व लूटपाट की जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी पेशबंदी में उन्होंने फर्जी केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।