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Lucknow News: सरोद पर थिरकीं अंगुलियां, झंकृत हुए मन के तार
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भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में विद्यार्थियों के साथ प्रस्तुति देती पद्म
लखनऊ। कलाप्रेमियों से खचाखच भरा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का कलामंडपम प्रेक्षागृह बृहस्पतिवार को संगीत के दिग्गजों से सजी शाम का साक्षी बना। मौका था विवि के शताब्दी वर्ष समारोह के पहले दिन का। मंच पर सरोद के उस्ताद पद्मविभूषण अमजद अली खां ने जब अपने बेटों अयान अली बंगश और अमान अली बंगश के साथ सरोद पर अपनी अंगुलियां फिराईं तो दर्शकों के मन के तार झंकृत हो गए। जैसे-जैसे अंगुलियों की थिरकन बढ़ती गई सुनने वालों की हथेलियों का आपस में मधुर ताल के साथ स्पर्श भी प्रेक्षागृह में रस घोलता रहा।
शाम के आयोजन की शुरुआत अयान अली बंगश और अमान अली बंगश की प्रस्तुतियों से हुई। तबले के साथ ताल से ताल मिलाती उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन जीत लिया। इसके बाद मंच संभाला उस्ताद अमजद अली खां ने। दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने अलग-अलग रागों में प्रस्तुतियां दीं। अंत में उस्ताद का साथ देने जब मंच पर उनके दोनों बेटे भी आ गए तो संगीत की लहरों ने जुगलबंदी का ऐसा समा बांधा कि कई बार दर्शक अपने सीट से खड़े होकर अभिवादन को मजबूर हो गए। उस्ताद अमजद अली खां ने अयान और अमान के साथ सरोद वादन की अविस्मरणीय प्रस्तुतियों में राग झिंझोटी में जोड़ झाला की तानों और राग रागेश्वरी पर सरोद वादन से समारोह को संगीत के शिखर पर पहुंचा दिया।
पं. साजन मिश्र ने छेड़े राग तो झूम उठे श्रोता
फोटो-
दिन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत की पद्मभूषण पं. साजन मिश्र ने। उन्होंने अपनी सुमधुर शास्त्रीय गायकी राग देसी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने मां भवानी... गीत की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज शताब्दी समारोह में कार्यक्रमों की शृंखला लंबी है, इसलिए अगली बार आऊंगा तो तीन-चार घंटे लगातार सुनाऊंगा। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इस टीम को तीन साल का और मौका मिल जाए तो भातखंडे विवि का कायाकल्प हो जाएगा।
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श्रीराम-केवट संवाद पर नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन
फोटो-
शाम की पहली प्रस्तुति पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह के शिष्यों ने दी। विशेष नृत्य-प्रदर्शन की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम और केवट के बीच प्रसंग के प्रस्तुतिकरण ने सभी को भावविभोर कर दिया। दशावतार ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति में श्री हरि के मत्स्य अवतार से लेकर कल्कि अवतार को कलाकारों ने प्रदर्शित किया तो दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने देखी प्रदर्शनी
भातखंडे विवि की ओर से शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में चित्रों की एक प्रदर्शनी भी प्रांगण में लगाई गई है जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके अलावा कलामंडपम में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है जिसका शीर्षक है इंडियन कल्चर ट्रडीशंस इन कॉन्टेक्स्ट ऑफ विकसित भारत 2047।
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शाम के आयोजन की शुरुआत अयान अली बंगश और अमान अली बंगश की प्रस्तुतियों से हुई। तबले के साथ ताल से ताल मिलाती उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन जीत लिया। इसके बाद मंच संभाला उस्ताद अमजद अली खां ने। दर्शकों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने अलग-अलग रागों में प्रस्तुतियां दीं। अंत में उस्ताद का साथ देने जब मंच पर उनके दोनों बेटे भी आ गए तो संगीत की लहरों ने जुगलबंदी का ऐसा समा बांधा कि कई बार दर्शक अपने सीट से खड़े होकर अभिवादन को मजबूर हो गए। उस्ताद अमजद अली खां ने अयान और अमान के साथ सरोद वादन की अविस्मरणीय प्रस्तुतियों में राग झिंझोटी में जोड़ झाला की तानों और राग रागेश्वरी पर सरोद वादन से समारोह को संगीत के शिखर पर पहुंचा दिया।
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पं. साजन मिश्र ने छेड़े राग तो झूम उठे श्रोता
फोटो-
दिन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत की पद्मभूषण पं. साजन मिश्र ने। उन्होंने अपनी सुमधुर शास्त्रीय गायकी राग देसी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने मां भवानी... गीत की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज शताब्दी समारोह में कार्यक्रमों की शृंखला लंबी है, इसलिए अगली बार आऊंगा तो तीन-चार घंटे लगातार सुनाऊंगा। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि इस टीम को तीन साल का और मौका मिल जाए तो भातखंडे विवि का कायाकल्प हो जाएगा।
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श्रीराम-केवट संवाद पर नृत्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन
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शाम की पहली प्रस्तुति पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह के शिष्यों ने दी। विशेष नृत्य-प्रदर्शन की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम और केवट के बीच प्रसंग के प्रस्तुतिकरण ने सभी को भावविभोर कर दिया। दशावतार ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति में श्री हरि के मत्स्य अवतार से लेकर कल्कि अवतार को कलाकारों ने प्रदर्शित किया तो दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने देखी प्रदर्शनी
भातखंडे विवि की ओर से शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में चित्रों की एक प्रदर्शनी भी प्रांगण में लगाई गई है जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके अलावा कलामंडपम में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है जिसका शीर्षक है इंडियन कल्चर ट्रडीशंस इन कॉन्टेक्स्ट ऑफ विकसित भारत 2047।