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लखनऊ यूनिवर्सिटी: एमसीक्यू पर आधारित होगी अंतिम वर्ष की परीक्षा
Thu, 23 Jul 2020 03:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 23 Jul 2020 03:32 PM IST
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लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल अंतिम वर्ष की परीक्षा ओएमआर पर मल्टीपल चॉइस बेस्ड क्वेश्चन (एमसीक्यू) आधारित परीक्षा प्रणाली पर आयोजित होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से लविवि ने बुधवार को अपनी नई परीक्षा योजना पर मुहर लगा दी। साथ ही विवि ने प्रमोशन संबंधी पॉलिसी पर भी नियमावली जारी कर दी है।
सरकार के निर्देश के अनुसार स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। बाकी परीक्षार्थियों को पिछली परीक्षा के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षा 16 मार्च से शुरू हो चुकी थीं। इसके बाद कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा स्थगित कर दी गईं थीं।
अब परीक्षा के लिए नई नियमावली जारी कर दी गई है। इस नियमावली के अनुसार पूर्व में हो चुकी परीक्षा रद्द मानी जाएगी तथा उसका पेपर भी नई नियमावली के हिसाब से होगा। एमसीक्यू आधारित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष को दी गई है।
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सरकार के निर्देश के अनुसार स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। बाकी परीक्षार्थियों को पिछली परीक्षा के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षा 16 मार्च से शुरू हो चुकी थीं। इसके बाद कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा स्थगित कर दी गईं थीं।
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अब परीक्षा के लिए नई नियमावली जारी कर दी गई है। इस नियमावली के अनुसार पूर्व में हो चुकी परीक्षा रद्द मानी जाएगी तथा उसका पेपर भी नई नियमावली के हिसाब से होगा। एमसीक्यू आधारित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष को दी गई है।
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बीकॉम में प्रश्नपत्र की संख्या होगी आधी
द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की बैकपेपर और इम्प्रूवमेंट परीक्षा का आयोजन भी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ होगा। यह परीक्षा भी एमसीक्यू पर आधारित होगी। शिल्पकला संकाय में स्नातक स्तर पर 100 सवाल में से विद्यार्थी को 50 के जवाब देने होंगे, जबकि परास्नातक स्तर पर 70 में 35 सवाल का जवाब देना होगा। प्रैक्टिकल में आंतरिक और बाह्य परीक्षक 50-50 फीसदी अंक देंगे। एमवीए में विद्यार्थी को अपना पिछले सर्वश्रेष्ठ काम के साथ परीक्षण के लिए उपस्थित होना होगा।
नियमावली के अनुसार बीकॉम अंतिम वर्ष में प्रश्नपत्र की संख्या आधी हो जाएगी। 4 ग्रुप में कुल 8 प्रश्नपत्र होते हैं। अब एक ग्रुप के दोनों पेपर की परीक्षा एक ही पाली में एक प्रश्नपत्र के रूप में होगी। दोनों में 100-100 सवाल होंगे, जिसमें से विद्यार्थी को 50-50 सवाल के जवाब देने होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा।
परीक्षा के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। ओएमआर में दो भाग होंगे, जिससे कि दोनों विषय के नंबर अलग-अलग दिए जा सकें। इसी तरह बीकॉम ऑनर्स और एमकॉम के पेपर में 70 सवाल होंगे, जिसमें से 35 सवाल हल करने होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा और परीक्षा 60 मिनट की होगी। मौखिक परीक्षा विभागाध्यक्ष स्तर पर होगी। आंतरिक परीक्षा के नंबर पिछले सेमेस्टरों के औसत के आधार पर दिए जाएंगे।
नियमावली के अनुसार बीकॉम अंतिम वर्ष में प्रश्नपत्र की संख्या आधी हो जाएगी। 4 ग्रुप में कुल 8 प्रश्नपत्र होते हैं। अब एक ग्रुप के दोनों पेपर की परीक्षा एक ही पाली में एक प्रश्नपत्र के रूप में होगी। दोनों में 100-100 सवाल होंगे, जिसमें से विद्यार्थी को 50-50 सवाल के जवाब देने होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा।
परीक्षा के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। ओएमआर में दो भाग होंगे, जिससे कि दोनों विषय के नंबर अलग-अलग दिए जा सकें। इसी तरह बीकॉम ऑनर्स और एमकॉम के पेपर में 70 सवाल होंगे, जिसमें से 35 सवाल हल करने होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा और परीक्षा 60 मिनट की होगी। मौखिक परीक्षा विभागाध्यक्ष स्तर पर होगी। आंतरिक परीक्षा के नंबर पिछले सेमेस्टरों के औसत के आधार पर दिए जाएंगे।
बीए में तीन पेपर की परीक्षा एक पाली में
बीए अंतिम वर्ष में दो विषयों में तीन-तीन प्रश्नपत्र होते हैं। नए नियम में इन तीनों की परीक्षा एक ही पाली में होगी। प्रश्नपत्र में तीन भाग होंगे तथा सभी मे 50-50 सवाल होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा। परीक्षार्थियों को हर भाग से 25 सवाल करने होंगे। परीक्षा का समय 120 मिनट का होगा। बीए ऑनर्स और परास्नातक में 70 सवाल होंगे, जिसमें से 35 सवाल हल करने होंगे। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा और परीक्षा 60 मिनट की होगी। आंतरिक परीक्षा के नंबर पिछले सेमेस्टरों के औसत के आधार पर दिए जाएंगे।
बीएससी में 3 नंबर का होगा सवाल
बीएससी अंतिम वर्ष में दो विषयों में तीन-तीन प्रश्नपत्र और एक प्रयोगात्मक परीक्षा होती है। नई नियमावली में तीनों प्रश्नपत्र की परीक्षा एक साथ एक ही पाली में कराई जाएगी। इस प्रश्नपत्र में तीन भाग होंगे तथा सभी मे 50-50 सवाल होंगे। प्रत्येक सवाल 3 नंबर का होगा। परीक्षार्थियों को 120 हर भाग से 25 सवाल करने होंगे। एमएससी में भी एमए और एमकॉम की तरह 70 सवाल में से 35 हल करने होंगे। दो-दो नंबर के इस पेपर के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा।
बीएससी में 3 नंबर का होगा सवाल
बीएससी अंतिम वर्ष में दो विषयों में तीन-तीन प्रश्नपत्र और एक प्रयोगात्मक परीक्षा होती है। नई नियमावली में तीनों प्रश्नपत्र की परीक्षा एक साथ एक ही पाली में कराई जाएगी। इस प्रश्नपत्र में तीन भाग होंगे तथा सभी मे 50-50 सवाल होंगे। प्रत्येक सवाल 3 नंबर का होगा। परीक्षार्थियों को 120 हर भाग से 25 सवाल करने होंगे। एमएससी में भी एमए और एमकॉम की तरह 70 सवाल में से 35 हल करने होंगे। दो-दो नंबर के इस पेपर के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा।
एलएलबी में नहीं कम होंगे पेपर
नई नियमावली में एलएलबी में पेपर कम नहीं होंगे। एलएलबी और एलएलबी ऑनर्स में कुल सात-सात प्रश्नपत्र होते हैं। परीक्षा में पेपर कम नहीं किए जाएंगे। हर पेपर में 100 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें से परीक्षार्थियों को 50 सवाल का जवाब 60 मिनट में देना होगा। प्रत्येक सवाल 2 नंबर का होगा।
फेल और अनुपस्थित विद्यार्थी को भी मिलेंगे आधार अंक
लविवि की समिति के निर्णय के अनुसार परीक्षाफल तैयार करते समय किसी पेपर में फेल या अनुपस्थित छात्र को आधार अंक देकर परीक्षा फल बना दिया जाएगा। ऐसे सभी विद्यार्थियों को अंक सुधार का बाद में मौका दिया जाएगा। आधार अंक की गणना समिति द्वारा सुझाये गए फार्मूले के आधार पर होगी।
रेग्युलेटरी बॉडीज के नियमों के आधार पर होगी इन पाठ्यक्रमों की परीक्षा
बीएड, एमएड, बीएलएड, बीपीएड, एमपीएड, तकनीकी संकाय, आयुर्वेद, यूनानी, आईएमएस।
फेल और अनुपस्थित विद्यार्थी को भी मिलेंगे आधार अंक
लविवि की समिति के निर्णय के अनुसार परीक्षाफल तैयार करते समय किसी पेपर में फेल या अनुपस्थित छात्र को आधार अंक देकर परीक्षा फल बना दिया जाएगा। ऐसे सभी विद्यार्थियों को अंक सुधार का बाद में मौका दिया जाएगा। आधार अंक की गणना समिति द्वारा सुझाये गए फार्मूले के आधार पर होगी।
रेग्युलेटरी बॉडीज के नियमों के आधार पर होगी इन पाठ्यक्रमों की परीक्षा
बीएड, एमएड, बीएलएड, बीपीएड, एमपीएड, तकनीकी संकाय, आयुर्वेद, यूनानी, आईएमएस।