फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Files of the congress head quarter were lost

कांग्रेस मुख्यालय के गृहकर की फाइलें गायब, चपरासी कर रहे गृहकर निर्धारण

Tue, 08 Aug 2017 05:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 08 Aug 2017 05:20 PM IST
विज्ञापन
Files of the congress head quarter were lost
कांग्रेस मुख्यालय

नगर निगम में गृहकर की फाइलें गुम हो रही हैं और निगम अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं है।

विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और अमीनाबाद के सेंट्रल होटल के मालिकाना हक का विवाद सामने आने के बाद निगम में इससे जुड़ी फाइलें ही नहीं मिल रही हैं। यह तब है जबकि नगर निगम के ही रिकॉर्ड में किए गए बदलाव के कारण विवाद की स्थिति बनी है।

नगर निगम के कर अधीक्षक राजेश सिंह खुद कहते हैं कि सेंट्रल होटल के संजय चावला की ओर से जो दस्तावेज दिखाए गए हैं उसके हिसाब से सेंट्रल होटल के गृहकर निर्धारण का म्यूटेशन 1995 में हुआ।
विज्ञापन


जिसके बाद रोशन लाल चावला और मोती लाल चावला का नाम खारिज कर राजेंद्र कुमार चावला, एके चावला, रविश मलिक, कपिल कुमार व जगमोहन के नाम गृहकर निर्धारण किया गया मगर इसकी पत्रावली नगर निगम में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह 1986 में कांग्रेस मुख्यालय की सम्पत्ति में मोहसिना किदवई का नाम जोड़े जाने की पत्रावली भी नगर निगम में नहीं है।

हैरत की बात यह भी कि नगर निगम ने करोबारी मनीष अग्रवाल को 1970, 1976 और 1986 की गृहकर निर्धारण की नकल उपलब्ध कराई है मगर उसके बाद का रिकार्ड नगर निगम में नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस मुख्यालय की इमारत विक्रमादित्य वार्ड में आती है और इस वार्ड के कर निरीक्षक भाईलाल कहते हैं कि उनके पास कोई फाइल नहीं है। फाइल कहां गईं इसका उनको कोई पता भी नहीं है।

बाबू और चपरासी कर रहे गृहकर निर्धारण
गृहकर निर्धारण का काम राजस्व निरीक्षक का है मगर अधिकारियों की मिलीभगत से चापरसी और बाबू भी निरीक्षक की तरह काम कर रहे हैं। इसके कारण गृहकर निर्धारण को लेकर आए दिन शिकायतें भी आती हैं।


पूर्व में राजस्व निरीक्षकों की कमी को देखते हुए बाबुओं को गृहकर निर्धारण केसर्वे काम में सहयोग के लिए लगाया था। उसके बाद भी 2010 की दरों के तहत सर्वे तो पूरा नहीं हुआ मगर बाबुओं ने राजस्व निरीक्षक के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। इसके चलते जिन बाबुओं को फाइलों के रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए। वह भी राजस्व निरीक्षक के साथ ऊपरी कमाई में लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed