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UP News: एक जून से किसान आईडी के जरिए मिलेगी खाद, सरकारी योजनाओं का लाभ भी इसी से मिलेगा

Wed, 11 Mar 2026 07:35 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Wed, 11 Mar 2026 07:35 AM IST
सार

यूपी में एक जून से किसान आईडी के जरिए ही खाद मिलेगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी किसान आईडी से ही मिलेगा। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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fertilizer available in UP through Kisan ID From June 1 benefits of govt scheme also be available through this
farmer id kisan - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के किसानों को अब सिर्फ किसान आईडी से ही खाद दी जाएगी। यह व्यवस्था एक जून से लागू करने की तैयारी है। इतना ही नहीं विभिन्न अनुदान व योजनाओं का लाभ भी किसान आईडी से ही दिया जाएगा।

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प्रदेश में किसानों के खेत के खाता नंबर और रकबा को आधार से लिंक करके किसान रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे में किसानों को एक आईडी मिलती है। यही आईडी अब उनकी पहचान बनेगी। अब तक करीब दो करोड़ किसानों की आईडी तैयार कर ली गई है। ऐसे में खाद की बिक्री में भी अब किसान आईडी अनिवार्य करने की तैयारी है। यह व्यवस्था एक जून से लागू हो जाएगी। 
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ई-पॉस मशीन के जरिए खाद खरीदते वक्त किसानों की आईडी डाली जाएगी। उससे पता चल जाएगा कि किसान पहले कितनी खाद खरीद चुका है। प्रदेश में अप्रैल तक शत प्रतिशत किसानों की आईडी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं।

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सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी

कृषि विभाग ने रबी सीजन में प्रति हेक्टेयर सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी देने की रणनीति अपनाई। यह रणनीति काफी हद तक सफल रही। किसान आईडी के जरिए खाद देते वक्त भी यही मानक लागू किया जाएगा। जहां सिर्फ रबी और खरीफ की फसल होती है वहां के किसान को 14 बोरी यूरिया और 10 बोरी डीएपी दी जा सकेगी।

क्या हैं चुनौतियां

किसान आईडी बनाने का कार्य सालभर से चल रहा है। पहले चरण में करीब 2.88 करोड़ किसानों की आईडी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन यह आंकड़ा अभी दो करोड़ तक ही पहुंच पाया है। ऐसे में दो माह में 88 लाख किसानों की आईडी बन पाएगी, इसमें संशय है।

फंसेगी पीएम किसान निधि

प्रदेश में 1.75 करोड़ से अधिक किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकृत हैं। इसमें करीब 10 लाख की अभी तक आईडी नहीं बन पाई है। ऐसे में इनकी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त फंस सकती है।

जरूरी है किसान आईडी

प्रमुख सचिव, कृषि रविंद्र ने बताया कि किसान आईडी के जरिए खाद देने की योजना एक जून से लागू करने की तैयारी है। अगले माह तक शत प्रतिशत आईडी तैयार हो जाएगी। अब खाद ही नहीं किसान सम्मान निधि व अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी किसान आईडी जरूरी होगी।

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