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गेहूं साफ करके खरीद केंद्रों पर लाएं किसान, छह हजार केंद्रों पर होगी खरीद : खाद्य आयुक्त
Wed, 24 Mar 2021 07:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 24 Mar 2021 07:30 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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भारत सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानक के अनुसार ही सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की जाएगी। इसलिए किसान गेहूं की अच्छे तरीके से साफ-सफाई करके ही क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए लाएं। इससे किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी। खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने बुधवार को किसानों को जागरूक करते हुए ये जानकारी साझा की।
खाद्य आयुक्त ने बताया कि यदि केंद्र प्रभारी गेहूं लेने से मनाकर देता है तो किसान तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है। 100 कुंतल से अधिक गेहूं होने पर चकबंदी अंतर्गत गांव और बटाईदारों का उपजिलाधिकारी सत्यापन करेंगे। इसके बाद ही गेहूं की खरीद की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। क्रय क्रेंद सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। इस वर्ष खाद्य विभाग व अन्य क्रय एजेंसियां छह हजार केंद्र प्रस्तावित है। इनमें खाद्य विभाग के विपणन शाखा के 1100, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 300, राज्य खाद्य आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) के 200, उप्र सहकारी संघ (पीसीएफ) के 3500, उप्र को-ऑपरेटिव यूनियन (यूपीपीसीयू) के 500, उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के 250 एवं भारतीय खाद्य निगम के 150 क्रय केंद्र स्थापित होने है।
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खाद्य आयुक्त ने बताया कि यदि केंद्र प्रभारी गेहूं लेने से मनाकर देता है तो किसान तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है। 100 कुंतल से अधिक गेहूं होने पर चकबंदी अंतर्गत गांव और बटाईदारों का उपजिलाधिकारी सत्यापन करेंगे। इसके बाद ही गेहूं की खरीद की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। क्रय क्रेंद सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। इस वर्ष खाद्य विभाग व अन्य क्रय एजेंसियां छह हजार केंद्र प्रस्तावित है। इनमें खाद्य विभाग के विपणन शाखा के 1100, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 300, राज्य खाद्य आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) के 200, उप्र सहकारी संघ (पीसीएफ) के 3500, उप्र को-ऑपरेटिव यूनियन (यूपीपीसीयू) के 500, उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के 250 एवं भारतीय खाद्य निगम के 150 क्रय केंद्र स्थापित होने है।
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