फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Farmers protest near LDA building in Lucknow.

मुआवजा न मिलने से भड़के किसान, वीसी व सचिव को बनाया बंधक

Tue, 12 Jul 2016 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 12 Jul 2016 02:24 AM IST
विज्ञापन
Farmers protest near LDA building in Lucknow.
प्रदर्शन करते किसान - फोटो : amar ujala

35 साल से मुआवजे के लिए लड़ाई लड़ रहे किसानों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। एलडीए अधिकारियों ने किसानों के प्रदर्शन के बीच उनसे वार्ता तक करना जरूरी नहीं समझा। शाम होते किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्राधिकरण भवन से निकासी के लिए बने दोनों गेट को बंद कर दिया।

विज्ञापन


इससे 2500 के करीब एलडीए के कर्मचारी और अफसर अंदर बंधक रहे। शाम चार बजे से शुरू हुए इस उग्र प्रदर्शन में खुद वीसी सत्येंद्र सिंह, सचिव अरूण कुमार तक प्राधिकरण भवन से रात आठ बजे तक नहीं निकल सके।
विज्ञापन


अधिकारियों और स्टाफ के बंधक बनने के बाद एलडीए प्रशासन की तरफ से वार्ता के लिए किसान नेताओं को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में यह वार्ता कमेटी हॉल में शुरू हुई। खुद सचिव ने किसान नेता राजेंद्र सिंह, रामसिंह यादव समेत किसानों के प्रतिनिधिमंडल से आठ बिन्दुओं पर शाम को करीब सात बजे वार्ता हुई। इसके बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


सचिव ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में जिला प्रशासन से मुआवजा के विवाद पर वार्ता करके कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। हालांकि, किसान सात दिन के अंदर जिला प्रशासन और एलडीए के साथ संयुक्त वार्ता के लिए अड़े हुए हैं।

पुलिस बुलाई तो गेट पर लेट गए किसान

Farmers protest near LDA building in Lucknow.

अधिकारी और स्टाफ ने पुलिस की मदद से जबरन निकलने की कोशिश की तो किसान गेट पर ही लेट गए। करीब चार घंटे तक स्टाफ की निकासी प्राधिकरण से बाहर बंद करने के बाद किसानों ने आठ बजे अंबेडकर पार्क की तरफ के गेट को खोलने दिया। इसके बाद ही एलडीए स्टाफ और अधिकारी निकल सके।

बंधक बनने वाले अधिकारियों में वीसी, सचिव के अलावा मुख्य अभियंता ओपी मिश्र, संयुक्त सचिव एनएन सिंह, तहसीलदार जितेंद्र कटियार शामिल रहे। गेट खोलने के बाद भी किसान देर रात तक प्राधिकरण भवन के बाहर धरना-प्रदर्शन करते रहे।

इस पर एलडीए सचिव अरुण कुमार का कहना है कि किसानों के साथ सभी मुद्दों पर वार्ता की गई है। उन्हें 15 दिन में समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया गया है। मुआवजा जैसे मुद्दों पर एक दम से हल नहीं निकल सकता। इसके लिए सभी पक्षों के बीच वार्ता कर आम सहमति बनानी होगी। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।

पुराना है विवाद

Farmers protest near LDA building in Lucknow.

किसान नेता राम सिंह यादव का कहना है कि कानपुर रोड योजना के 21 गांवों में जमीन का अधिग्रहण कर एलडीए वहां योजनाएं विकसित कर बेच भी चुका है। इसके बाद भी करीब 35 साल में किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 4.5 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से मुआवजा दिया जाना था। इसमें भी एलडीए ने पूरा पैसा नहीं दिया।

इसके उलट एक रिटायर्ड जज को विशेष अभिनिर्णय में 14 रुपये प्रतिवर्गफुट मुआवजा एलडीए ने दिया। हमारी मांग है कि सभी प्रभावित किसानों को 15 रुपये प्रतिवर्गफुट का मुआवजा दिया जाए।

सीतापुर रोड, अलीगंज में भी अनुपूरक अवार्ड 30 साल से लंबित है। सात दिन में यदि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन बड़ा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed