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यूपीः छह तरह की दुर्घटनाएं राज्य आपदा में शामिल करने पर फैसला जल्द, प्रस्ताव वित्त विभाग के पास
Mon, 28 Sep 2020 12:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 28 Sep 2020 12:26 AM IST
सार
- राज्य आपदा में छह तरह की दुर्घटनाएं शामिल करने पर फैसला जल्द
- कुआं, नदी, तालाब, नहर, नाले व गड्ढे में डूबने से मौतों को दायरे में लाने की तैयारी
- प्रस्ताव पर आगे बढ़ी कार्यवाही, वित्त विभाग के परामर्श के सीएम देंगे मंजूरी
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कुआं, नदी, तालाब व नहर आदि में डूबने से होने वाली मौत को राज्य आपदा घोषित करने के प्रस्ताव पर कार्यवाही आगे बढ़ी है। सरकार जल्दी ही इस पर निर्णय कर सकती है। इससे पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
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प्रदेश में 22 तरह की केंद्रीय व 18 तरह की राज्य आपदाएं घोषित हैं। इन आपदाओं से जान गंवाने वालों के परिजनों को 4-4लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन, कुआं, नदी, तालाब, नहर, नाले व गड्ढे में डूबने से हर वर्ष बड़ी संख्या में होने वाली मौत आपदा के दायरे में नहीं आती है।
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ऐसे में इन आपदाओं से अपनों को खोने वालों को किसी तरह सहायता नहीं मिल पाती। राहत आयुक्त संजय गोयल ने करीब दो महीने पहले कुआं, नदी, तालाब, नहर, नाले व गड्ढे में डूबने से होने वाली मौतों को भी राज्य आपदा घोषित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इधर बाढ़ के दौरान इस तरह की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रस्ताव को रफ्तार मिली है।
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शासन के एक अधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग ने इस तरह का एक प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है। वित्त विभाग ने राजस्व महकमे से प्रस्ताव पर कुछ जानकारी मांगी है। राजस्व विभाग का जवाब आने के बाद वित्त विभाग अपना परामर्श दे देगा।
इसके बाद इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर फैसला हो जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक पांच जुलाई, 2019 से 13 जनवरी 2020 के बीच प्रदेश में डूबने से 380 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद लगातार ये आंकड़े बढ़ रहे हैं।