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UP: फर्जी आईटीसी के रैकेट का भंडाफोड़, 1261 करोड़ लेने का खुलासा, राज्यकर की एसटीएफ टीम ने पकड़ा
Wed, 24 Aug 2022 09:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 24 Aug 2022 09:19 AM IST
सार
एसटीएफ की टीम ने इस रैकेट में शामिल करीब 180 व्यापारियों द्वारा अनधिकृत रूप से 1261.26 करोड़ आईटीसी लेने के मामले का खुलासा किया है। अब इन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जीएसटी चोरी के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के तहत राज्यकर विभाग की एसटीएफ ने फर्जी तरीके से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट में यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना और बिहार के सैकड़ों स्टील और आयरन के व्यापारी शामिल हैं।
एसटीएफ की टीम ने इस रैकेट में शामिल करीब 180 व्यापारियों द्वारा अनधिकृत रूप से 1261.26 करोड़ आईटीसी लेने के मामले का खुलासा किया है। अब इन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी की जाएगी। राज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस के निर्देश पर एसटीएफ प्रभारी अपर आयुक्त अरविंद कुमार के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने आईटीसी क्लेम लेने वाले व्यापारियों द्वारा दाखिल रिटर्न का डाटा खंगाला तो पाया कि आयरन व स्टील के व्यापार से जुड़े कई राज्यों के व्यापारियों द्वारा रैकेट बनाकर बोगस आईटीसी लेने का खेल किया जा रहा है।
अब तक की जांच में पाया गया कि फर्जी आईटीसी लेने के रैकेट में उत्तराखंड व हरियाणा के 1-1, दिल्ली के 130, राजस्थान, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के 3-3 के अलावा यूपी के 33 सप्लायर शामिल हैं। आयरन और स्टील के इन सभी 180 सप्लायरों द्वारा 1261.26 करोड़ रुपये की अस्वीकार्य आईटीसी लेकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है।
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2430 लोगों को पहुंचाया गया बोगस आईटीसी का लाभ
एसटीएफ की जांच में यह भी पाया गया है कि इन व्यापारियों से संबंधित फर्मों से व्यापारिक लेनदेन के चेन में शामिल व्यापारियों द्वारा भी यूपी समेत अन्य कई राज्यों के 2430 व्यक्तियों को बोगस आईटीसी का लाभ पहुंचाया गया है। राज्यकर मुख्यालय ने जांच में बड़े पैमाने पर बोगस आईटीसी के जरिए हो रही कर चोरी कराने वाले फर्मों और व्यापारियों के बारे में संबंधित राज्यों और केंद्रीय जीएसटी आयुक्त को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
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एसटीएफ की टीम ने इस रैकेट में शामिल करीब 180 व्यापारियों द्वारा अनधिकृत रूप से 1261.26 करोड़ आईटीसी लेने के मामले का खुलासा किया है। अब इन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी की जाएगी। राज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस के निर्देश पर एसटीएफ प्रभारी अपर आयुक्त अरविंद कुमार के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने आईटीसी क्लेम लेने वाले व्यापारियों द्वारा दाखिल रिटर्न का डाटा खंगाला तो पाया कि आयरन व स्टील के व्यापार से जुड़े कई राज्यों के व्यापारियों द्वारा रैकेट बनाकर बोगस आईटीसी लेने का खेल किया जा रहा है।
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अब तक की जांच में पाया गया कि फर्जी आईटीसी लेने के रैकेट में उत्तराखंड व हरियाणा के 1-1, दिल्ली के 130, राजस्थान, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के 3-3 के अलावा यूपी के 33 सप्लायर शामिल हैं। आयरन और स्टील के इन सभी 180 सप्लायरों द्वारा 1261.26 करोड़ रुपये की अस्वीकार्य आईटीसी लेकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है।
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2430 लोगों को पहुंचाया गया बोगस आईटीसी का लाभ
एसटीएफ की जांच में यह भी पाया गया है कि इन व्यापारियों से संबंधित फर्मों से व्यापारिक लेनदेन के चेन में शामिल व्यापारियों द्वारा भी यूपी समेत अन्य कई राज्यों के 2430 व्यक्तियों को बोगस आईटीसी का लाभ पहुंचाया गया है। राज्यकर मुख्यालय ने जांच में बड़े पैमाने पर बोगस आईटीसी के जरिए हो रही कर चोरी कराने वाले फर्मों और व्यापारियों के बारे में संबंधित राज्यों और केंद्रीय जीएसटी आयुक्त को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
साथ ही केंद्र और यूपी राज्यकर के कार्यक्षेत्र से संबंधित 603 व्यापारियों के खिलाफ जोनल आयुक्तों को जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन व्यापारियों द्वारा भी 1090.38 करोड़ रुपये माल की ली गई आपूर्ति (इनवर्ड सप्लाई) पर 192.47 करोड़ की आईटीसी गलत तरीके से लिया गया है।