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फर्जी सपा सांसद की हेकड़ी से सकते में आए खनन मंत्री
Updated Fri, 09 Aug 2013 02:21 AM IST
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एक जालसाज ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव बनकर खनन मंत्री को फोन कर धमकाया। उसने मंत्री को आदेश दिया कि मिर्जापुर के जिला खनन अधिकारी का स्थानांतरण बांदा कर मुझे अवगत कराओ।
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शक होने पर मंत्री ने पड़ताल की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। हजरतगंज पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को दबोच लिया। आरोपी बांदा के गोरवा शेखनपुर गांव के ग्राम प्रधान कारिश्तेदार बताया जा रहा है।
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सीओ हजरतगंज दिनेश यादव के मुताबिक, खनन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गायत्री प्रजापति के गनर चंद्रपाल ने हजरतगंज कोतवाली में शिकायत की थी कि बीती 19 जुलाई को सुबह 9:28 बजे मोबाइल नंबर (9453153590) से मंत्री के सेलफोन पर कॉल आई।
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फोन करने वाले ने अपना परिचय सपा सांसद व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव के रूप में देते हुए कहा कि मिर्जापुर के जिला खनन अधिकारी मनोज कुमार सिंह का तबादला बांदा जिला खनन अधिकारी के पद पर करके हमें अवगत कराएं। यह कहकर फोन काट दिया।
बातचीत के तौर-तरीके से शक होने पर मंत्री ने सांसद धर्मेंद्र यादव को फोन किया तो उन्होंने कॉल करने से इन्कार किया। उसके बाद मंत्री के गनर चंद्रपाल ने हजरतगंज थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने धोखाधड़ी व धमकी देने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सर्विलांस के जरिए धमकाने में प्रयोग किए गए सेलफोन नंबर की पड़ताल की तो पता चला कि सिम बांदा में गोरवा के शेखनपुर के ग्राम प्रधान सगीर के नाम था।
पुलिस ने ग्राम प्रधान को दबोचा तो उसने बताया कि उसका सिम खो गया था। पुलिस ने मोबाइल यूजर के नाम-पता से जानकारी की तो मोबाइल सेट ग्राम प्रधान के रिश्तेदार शेखनपुर गांव के राशिद खान का निकला।
इस पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में राशिद ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि मंत्री को परेशान करने की नीयत से उसने फोन किया था।
राशिद खनन में वर्षों से मजदूरी करता है। राशिद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जिला खनन अधिकारी मनोज सिंह पहले बांदा में तैनात रहे हैं। वह उनके साथ काम कर चुका है।
उसके प्रति उनका व्यवहार अच्छा रहा जिसके चलते वह चाहता था कि उनकी तैनाती बांदा होनी चाहिए। सीओ का कहना है कि मुकदमे में सात साल से कम सजा का प्रावधान होने के चलते आरोपी को कोतवाली से ही छोड़ दिया गया।