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यूपी में बेखौफ अपराधियों का शिकार हुआ एक और सिपाही शहीद

Sun, 26 Jun 2016 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद Updated Sun, 26 Jun 2016 02:30 AM IST
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faizabad police officer satya prakash died after encounter
उसे श्रद्घांजलि देते पुलिस के जवान - फोटो : amar ujala

तीन दिन पहले पशु तस्करों की गोली से घायल सिपाही सत्य प्रकाश सरोज (30) ने शनिवार को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। इनायत नगर थाने की है‌स्टिंगटन पुलिस चौकी के सिपाही सत्य प्रकाश पुलिस टीम के साथ पशु तस्करों को पकड़ने गए थे। इसी दौरान तस्करों की फायरिंग में उन्हें गोली लग गई।

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उधर, शहीद हैरिंग्टन चौकी के शहीद सिपाही सत्य प्रकाश को शनिवार को पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद शव को परिवारीजनों के साथ वाहन से प्रतापगढ़ स्थित उसके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया।
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पशु तस्करों की गोली से घायल सिपाही सत्य प्रकाश सरोज पुत्रद्घ रामजस की शनिवार सुबह लखनऊ में मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर जिले से सीओ रुदौली संतोष कुमार व पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक हरेंद्र यादव को लखनऊ रवाना कर दिया गया।
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शाम साढ़े पांच बजे पुलिस के वाहनों का काफिला पुलिस लाइन में प्रवेश किया तो अंतिम सलामी के लिए तैयार सिपाही व लाइन के कर्मी मुस्तैद हो गये। शव को पुलिस वाहन से उतारा गया और सलामी ग्राउंड ले जाया गया। मंडलायुक्त एसपी ‌मिश्र डीआईजी राकेशचंद्र साहू, एसएसपी मोहित कुमार, एडीएम सिटी आरएन शर्मा ने उन्हें सलामी दी।

साथी को गोली लगी तो भाग खड़े हुए थे सिपाही

faizabad police officer satya prakash died after encounter
बिलखते पिता व भाई - फोटो : amar ujala

पशु तस्करों से हुई मुठभेड़ में जब सिपाही सत्यप्रकाश को गोली लगी तो साथी सिपाही मौके से भाग खड़े हुए। लोगों का कहना है कि यदि साथ वाले सिपाही मोर्चा संभालते तो पशु तस्कर आसानी से भाग न पाते। मुठभेड़ के समय चौकी के दीवान शिवप्रसाद सिंह, सिपाही शिवाजी व शीतला प्रसाद मौजूद थे।

सवाल उठता है कि इन साथी सिपाहियों ने मुठभेड़ के दौरान पशु तस्करों की गोली के जवाब में क्यों नहीं फायर झोंका। इन सवालों से परे बुधवार रात तस्वीर तो कुछ और ही बयां कर रही थी। चिरंगीबीर के बाग में हथियारबंद तस्कर पुलिस पर फायर झोंकते रहे और हैरिंग्टनगंज चौकी पुलिस जान बचाने को इधर-उधर दुबकती रही।

22 दिन की बेटी का मुंह भी नहीं देख सका सत्यप्रकाश
2006 में पुलिस महकमे में सिपाही पद पर भर्ती सत्यप्रकाश प्रतापगढ़ के नरिया गांव निवासी रामजस का सबसे छोटा बेटा था। पिता रामजस बताते हैं कि तीन साल की एक बेटी स्नेहा है। दूसरी बेटी अभी 22 दिन पहले जन्मी है जिसके चलते अभी वह बेटी का मुंह भी नहीं देख सका था। तीन जुलाई को ही पूजा थी।

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