फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Export Development Centers to be set up in 6 districts including Varanasi and Gorakhpur

वाराणसी व गोरखपुर समेत 6 जिलों में स्थापित किए जाएंगे निर्यात विकास केंद्र

Fri, 25 Sep 2020 10:42 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 25 Sep 2020 10:42 PM IST
विज्ञापन
Export Development Centers to be set up in 6 districts including Varanasi and Gorakhpur
नवनीत सहगल - फोटो : amar ujala
चीन से बाहर जाने जाने वाली कंपनियों को उतर प्रदेश में स्थापित करने के लिए निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति को इनके अनुकूल बनाया जाएगा। प्रदेश के 6 जिलों वाराणसी, मुरादाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, गोरखपुर व अलीगढ़  में निर्यात विकास केंद्र (ईडीसी) स्थापित किए जाएंगे। मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाकर विश्व व्यापार में आगामी तीन वर्षों में प्रदेश का निर्यात 1.20 लाख करोड़ से बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये तक किया जाएगा।
विज्ञापन


यह कहना है प्रदेश के खादी, ग्रामोद्योग, सूक्ष्म, लद्यु एवं उद्यम, निर्यात एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का। वे प्रदेश के निर्यात को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना के प्रस्तुतीकरण के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीडब्ल्यूसी के साथ खादी भवन में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक जिले को निर्यात हब के रूप में विकसित कराना चाहते हैं। इसको देखते हुए प्रदेश के 6 जिलों (वाराणसी, मुरादाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, गोरखपुर व अलीगढ़) में निर्यात विकास केंद्र (ईडीसी) स्थापित किए जाएंगे। एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रदेश में उत्पादन लागत को कम रखने के लिए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों के उत्पादन की प्रतियूनिट कीमत का अध्ययन किया जाएगा। उतर प्रदेश के चारों तरफ भूमि होने के कारण यहां बंदरगाह नहीं है। विदेशों में माल की आपूर्ति के लिए हवाई यातायात को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जेवर, वाराणसी, लखनऊ और कुशीनगर एयरपोर्ट को माल ढुलाई के लिए विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव सू़क्ष्म, लद्यु एवं मध्यम उद्यम, निर्यात व निवेश प्रोत्साहन डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आत्मनिर्भर भारत के तहत प्रदेश में निर्यात एवं निवेश को बढ़ाने के लिए नीति को बेहतर किया जाएगा। प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक हब के साथ अन्य उत्पादों के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। विदेशों में ज्यादा मांग वाले प्रदेश के 12 उत्पादों के उत्पादन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी, खनिज उत्पाद, व्हीकल पार्ट, फार्मा व प्लास्टिक उत्पाद,मोती व बहुमूल्य पत्थर, मेडिकल उत्पाद, लोहा-स्टील के उत्पाद केमिकल और मशीनरी आदि हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में प्रदेश के 1.20 लाख करोड़ रुपये मूल्य के  निर्यात में 18 प्रकार की वस्तुओं की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed