लखनऊ में विस्फोट: धमाके के बाद पकड़ी गईं तीन अवैध फैक्टरियां, कई गांवों में चला सर्च अभियान; बनी जांच कमेटी
Explosion in Lucknow: लखनऊ में अवैध पटाखा फैक्टरियों में धमाके पर शासन और प्रशासन की नींद खुली है। सोमवार को पूरे दिन सर्च अभियान चला।
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गुडंबा के बेहटा गांव में रविवार को घर में चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी और सेमरा में पटाखों के गोदाम में विस्फोट की घटनाओं से पुलिस की नींद टूटी है। नींद टूटने के बाद पुलिस ने दोनों गांवों को खंगाला है। सोमवार को पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम ने गांव में कई जगह छापा मारा। जांच में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे मिले हैं।
सोमवार की सुबह डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी, एसीपी, सीएफओ, नायब तहसीलदार, बम निरोधक दस्ता और अग्निशमन विभाग की लोग गांव पहुंचे। संयुक्त टीम ने सेमरा गांव के तीन घरों में चल रही पटाखे बनाने की अवैध फैक्टरियों पर छापा डाला। इस दौरान भारी मात्रा में बारूद, बने हुए पटाखे और पटाखों के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली सामग्री जब्त की गई। बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन कर्मियों ने बारूद और पटाखों को निष्क्रिय किया।
पुलिस के सूत्र बताते हैं कि फैक्टरी अली अहमद, शेरू और नसीम की है। ये लोग काफी समय से इस धंधे में लिप्त हैं। रविवार की घटना में मृत आलम लोगों की नजर में चूड़ी बेचने का काम करते थे, लेकिन उनके घर में पटाखे बनाने और भंडारण का काम होता था। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस लगातार गांव में छानबीन और जांच कर रही है। पटाखों के निर्माण व उसके भंडारण के संभावित ठिकानों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
विस्फोट मामलों में मृत आलम व चार अन्य पर केस
गुडंबा इलाके में विस्फोट की दो बड़ी घटनाओं के बाद रविवार देर रात निलंबित किए गए बेहटा चौकी इंचार्ज ने हादसे में मृत आलम और गांव के चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अन्य आरोपियों में मृत आलम का भतीजे शेरू, शोएब और गांव के रहने वाले टीनू और उसके भाई अली अहमद हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3, 4 और 5 के तहत गुडंबा थाने में केस दर्ज किया गया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि रविवार को हुए हादसे में आलम की मौत हो चुकी है। अन्य आरोपी रविवार की घटना के बाद से भागे हुए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
दरोगा (निलंबित बेहटा चौकी इंचार्ज) ने अपनी तहरीर में इस बात का जिक्र किया है कि आलम और अन्य आरोपी अवैध रूप से पटाखे बना रहे थे और उसका भंडारण भी कर रहे थे। उनके पास इसका कोई लाइसेंसी नहीं था। पुलिस ने नामजद आरोपियों को विस्फोट की घटनाओं का जिम्मेदार बताया है।
धमाकों की जांच के लिए डीसीपी ने गठित की कमेटी
निलंबित चौकी इंचार्ज व सिपाही के खिलाफ भी होगी जांच
डीसीपी ने बताया कि घटना के बाद चौकी इंचार्ज बेहटा संतोष पटेल और बीट सिपाही धर्मेश चाहर कोे निलंबित किया गया है। एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह को इन दोनों की भूमिका जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच ये में ये पता लगाया जाएगा कि क्या दोनों पुलिस वालों को पटाखों के अवैध निर्माण व भंडारण के बारे में कोई जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो दोनों ने क्या कार्रवाई की थी?
विस्फोट में मृत दंपती को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया
बेहटा गांव में रविवार सुबह हुए विस्फोट में मारे गए दंपती आलम व मुन्नी का सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ। शाम के वक्त दोनों को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर आलम के साले रिजवान ही मौजूद थे। उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आलम व मुन्नी के शरीर पर काफी बर्न इंजरी मिली है। दोनों के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम के बाद शाम को दोनों के शव को परिजनों के हवाले कर दिए गए। परिवार के कुछ लोगों ने बेहटा गांव में दोनों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
नदीम और इरशाद की हालत बेहद गंभीर
विस्फोट में घायल हुए आलम के बेटे इरशाद और पड़ोसी नदीम की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। दोनों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इरशाद का शरीर 90 से 95 फीसदी और नदीम का 40 से 45 फीसदी तक जला हुआ है।