योगी के शपथ ग्रहण पर खर्च हुए 1.81 करोड़, LDA से मांगा गया हिसाब
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योगी के शपथग्रहण समारोह में एक करोड़ 81 लाख रुपये खर्च हुए थे। जो कि पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के खर्च का दोगुना है।
प्रशासन ने योगी सरकार के शपथ ग्रहण खर्च को भारी-भरकम बताते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से इस खर्च का विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सरकार ने 19 मार्च को स्मृति उपवन में शपथ ली थी। सचिवालय प्रशासन विभाग ने शपथ समारोह की तैयारी की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंपी थी। एलडीए ने शपथ समारोह पर करीब 1.81 करोड़ रुपये खर्च होने का हवाला देते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग से रकम की मांग की थी।
बताया जाता है कि मंगलवार को सचिवालय प्रशासन ने इस संबंध में एलडीए के अधिकारियों को बुलाकर बात की थी। यहां चर्चा में सामने आया कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव के 2012 में शपथ समारोह पर करीब 91 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह नई सरकार के शपथ समारोह से करीब आधा है।
तैयार की जा रही है तुलनात्मक रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 1.81 करोड़ रुपए के खर्च हुए बजट पर अब एलडीए अपना पक्ष शासन के सामने रखेगा। सचिवालय प्रशासन के रिपोर्ट मांगने के बाद एलडीए में पिछली और मौजूदा सरकार के शपथ ग्रहण के दोनों कार्यक्रमों के खर्च की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार कर रही है।
एक्सईएन एसके अग्रवाल ने बताया कि 2012 की भी फाइलें निकाली गई हैं। दोनों के तुलनात्मक चार्ट तैयार किए जा रहे हैं। इसमें शासन को बताया जा सकेगा कि 2017 के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में क्यों ज्यादा खर्च हुआ?