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UP News: मुख्यमंत्री योगी बोले- जल्द ही तहसील स्तर पर फायर स्टेशन वाला पहला राज्य होगा उत्तर प्रदेश
Thu, 29 Feb 2024 01:36 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 29 Feb 2024 01:36 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निशमन सुरक्षा कवच के सुदृढ़ीकरण के लिए 38 अग्निशमन केंद्रों का लोकार्पण-शिलान्यास किया है। सीएम योगी ने 35 अग्निशमन वाहनों का फ्लैग ऑफ भी किया और विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
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अग्निशमन वाहन को रवाना करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
संकट के समय अग्निशमन सेवाओं की भूमिका से सभी भलीभांति परिचित हैं। इसी को ध्यान में रखकर वर्ष 1944 में प्रदेश में विभाग का गठन किया गया। वर्ष 1944 से 2017 के बीच 73 वर्षों में केवल 288 फायर स्टेशन स्थापित किये गये जबकि पिछले 7 वर्षों में 71 नए फायर स्टेशन स्थापित किए गये। आज हम प्रदेश में तेजी के साथ तहसील स्तर पर एक-एक फायर स्टेशन स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हो चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश पूरे देश में ऐसा राज्य होगा, जहां तहसील स्तर पर फायर स्टेशन होंगे। हमने कानून व्यवस्था में व्यापक रिफॉर्म के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है साथ ही उनके आधुनिकीकरण के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यक्रम आगे बढ़ाए गए हैं। उसी का परिणाम है कि प्रदेश में आज अग्निशमन विभाग प्रदेश की इमरजेंसी सेवाओं में एक बेहतरीन सेवा प्रदान करने के लिए अपने आप को तैयार कर रहा है। हमने विभाग की सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अब तक लगभग 1400 करोड़ रुपये दिये हैं।
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ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित अग्निशमन सुरक्षा कवच के सुदृढ़ीकरण के लिए 38 अग्निशमन केंद्रों का लोकार्पण/शिलान्यास एवं 35 अग्निशमन वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में कही। इस दौरान सीएम योगी ने विभाग की ओर से लगाई गयी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और अधिकारियों से अग्निशमन उपकरणों की जानकारी हासिल की।
7 वर्षों में उठाये गये कई महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले सात वर्षों में विभाग के आधुनिकीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं साथ ही समयबद्ध तरीके से विभाग में अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके परिणाम सभी के सामने हैं। पहले अक्सर उद्यमी एनओसी को लेकर शिकायतें करते थे। हमने उसमें कई बदलाव कर उसे सरल किया। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि फायर टेंडर के रिस्पांस टाइम को कम से कम करने पर जोर होना चाहिये ताकि जन-धन की हानि को कम से कम किया जा सके। पिछले कुछ वर्षों में इसमें काफी सुधार भी हुआ है। यही वजह है कि 33,000 से अधिक अग्नि दुर्घटनाओं में 3,780 जनहानि को रोका गया। साथ ही 5000 से अधिक पशुओं के साथ ही 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को नष्ट होने से बचाया गया। इसके अलावा विभाग तेज लू के दौरान फसलों में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सदैव खड़ा रहता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए हमने आपात सेवाओं का उच्चीकरण करने का कार्य किया है।
इस दिशा में न केवल अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकरण बल्कि प्रदेश में एसडीआरएफ के गठन की कार्रवाई को भी पूरा किया गया है। आज एसडीआरएफ की छह कंपनियां काम कर रही हैं। साथ ही साथ प्रदेश के अंदर स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन करते हुए महत्वपूर्ण इमारतों और संस्थाओं की सुरक्षा के दायित्व को पूरा किया है। इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशवासियों, निवेशकों और टूरिस्ट के विश्वास को और मजबूत करना है। इसी के तहत पहले चरण में जनपद स्तर और दूसरे चरण में तहसील स्तर पर एक से डेढ़ वर्ष में फायर स्टेशन स्थापित हो जाएंगे।
लोगों को करें प्रशिक्षित, मदद के लिए करें प्रेरित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाग रिस्पांस टाइम को कम करता है तो कॉमन मैन के मन में विभाग और शासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा। उसके लिए सहायता को पहुंचाना हमारा दायित्व है। हमें स्कूल और कॉलेज में बच्चों के प्रशिक्षण के लिए भी प्रयास करना चाहिए, उनकी काउंसिलिंग को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि सामान्य दिनों में केवल विभाग के भरोसे ही रहकर नहीं बल्कि घटना घटित होते ही बचाव शुरू हो यह महत्वपूर्ण है। बचाव के लिए हम लोगों को पहले से ही तैयार करें। अग्निकांड के लिए कौन-कौन सी लापरवाही जिम्मेदार होती हैं, कैसे हम जनधन की हानि को रोक सकें, इसके प्रति लोगों को पहले से तैयार कर सकें तो घटना के बाद जब तक सहायता पहुंचती है तब तक लोग स्वयं भी अपने स्तर पर बचाव अभियान की शुरुआत कर सकते हैं।
हर घटना हमारे लिए एक सबक होनी चाहिए और फिर उस सबक को लोगों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि लापरवाही से बचा जा सके। सीएम ने कहा कि कहीं कोई दुर्घटना होती है तो अक्सर लोग वहां पर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करते रहते हैं। उस समय हमें सबसे पहले वहां पर लोगों को बचाना चाहिए, राहत कार्यों में भाग लेना चाहिए। हमें इन सभी चीजों से अपने आप को तैयार करना होगा। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी प्रशांत कुमार, महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवा अविनाश चंद्र आदि शामिल हुए।