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Lucknow News: कर्बला का मंजर देख कर हर आंख हुई नम
Tue, 08 Jul 2025 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 08 Jul 2025 02:06 AM IST
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पुराने लखनऊ के सआदतगंज स्थित दरगाह अब्बास परिसर में ग्यारह मुहर्रम को निकाला गया मंज़र ए कर्बला
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लखनऊ। यौम-ए-आशूर के दूसरे दिन ग्यारह मुहर्रम सोमवार को दरगाह हजरत अब्बास में मंजर-ए-कर्बला देखकर हर किसी की आंख नम थी। अम्मूजान अल-अतश, अम्मूजान अल-अतश सारे बच्चे प्यासे हैं की सदाएं अजादारों को हुसैनी खेमे के मासूम बच्चों की प्यास की याद दिला कर माहौल को गमगीन बना रही थी। मुफ्तीगंज स्थित इमामबाड़ा मीरन साहब में यौम-ए-जैनुल आब्दीन का आयोजन कर शबीहों की जियारत कराई गई। अजादारों ने जंजीर और छुरियों का मातम कर कर्बला के शहीदों को अपने खून से पुरसा दिया।
अंजुमन जलाउल ईमान की ओर से रुस्तम नगर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित मंजर-ए-कर्बला में मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने मजलिस को खिताब किया। मौलाना ने काफिले का कर्बला से मदीना वापसी का मंजर बयान किया। मजलिस के बाद दरगाह परिसर में शबीहों की गश्त करा कर मंजर-ए-कर्बला पेश किया। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के गम में डूबे अजादारों ने जुलजनाह, मासूम अली असगर का गहवारा, अलम व ताबूत की जियारत कर दुआएं मांगी।
मुफ्तीगंज स्थित इमामबाड़ा मीरन साहब में आयोजित यौम-ए-जैनुल आब्दीन में मजलिस को मौलाना हसन जहीर ने खिताब किया। इमामबाड़ा परिसर में हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत जैनुल आब्दीन की याद में शबीहों की जियारत कराई गई। जिसमें ताबूत, ऊंटों पर अमारियां, हजरत अब्बास की निशानी अलम और जुलजनाह शामिल था जो कर्बला का मंजर पेश कर रहा था।
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बच्चों ने याद दिलाई जनाबे सकीना की प्यास
दरगाह हजरत अब्बास और इमामबाड़ा मीरन साहब में जुलूस के दौरान छोटे-छोटे बच्चे अपने हाथों में मट्टी के खाली कूजे अपने सरों पर रखे अम्मूजान अल-अतश-अम्मूजान अल-अतश सारे बच्चे प्यासे हैं की सदाएं बुलंद कर रहे थे। उनकी सदाएं हजरत इमाम हुसैन की चार साल की बेटी जनाबे सकीना सहित हुसैनी खेमे के प्यासे बच्चों की याद दिला रही थीं।
कर्बला के शहीदों को खून से दिया पुरसा
दरगाह हजरत अब्बास और इमामबाड़ा मीरन साहब में अजादारों ने जंजीर यानि छुरियों व कमा का मातम कर कर्बला के शहीदों को अपने खून का पुरसा दिया। वहीं, तमाम लोगों ने हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर की शहादत को याद कर अपने बच्चों के कमा लगवाई।
हजरत जैनब की कुर्बानियों को किया याद
इमामबाड़ा गुफरानमआब में यौमे जैनब का आयोजन कर हजरत इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब की कुर्बानियों और उन पर हुए जुल्म को याद किया गया। यहां पर मजलिस को मौलाना कल्बे जव्वाद ने खिताब किया। अंजुमन गुंच-ए-मजलूमिया ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर उन्हें पुरसा दिया। वहीं, वजीरबाग स्थित मस्जिद वक्फ खुर्रम बख्त (जिन्नातों वाली मस्जिद) में मजलिस को मौलाना अख्तर हुसैन ने खिताब किया।
कर्बला के शहीदों का तीजा आज
कर्बला के शहीदों का तीजा मंगलवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर घरों में नज्र का आयोजन किया जाएगा। हुसैनाबाद स्थित लंगरखाना में दोपहर 3 बजे मजलिस होगी। टिकैत राय तालाब स्थित रौजा ए जैनबिया में दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तीन मजलिसों होंगी। इसके बाद दफ्न ए शुहदा का मंजर पेश होगा। इमामबाड़ा कसरे हुसैनी में शाम 5 बजे और इमामबाड़ा लाडो खानम में शाम 7.30 बजे मजलिस होगी।
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अंजुमन जलाउल ईमान की ओर से रुस्तम नगर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित मंजर-ए-कर्बला में मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने मजलिस को खिताब किया। मौलाना ने काफिले का कर्बला से मदीना वापसी का मंजर बयान किया। मजलिस के बाद दरगाह परिसर में शबीहों की गश्त करा कर मंजर-ए-कर्बला पेश किया। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के गम में डूबे अजादारों ने जुलजनाह, मासूम अली असगर का गहवारा, अलम व ताबूत की जियारत कर दुआएं मांगी।
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मुफ्तीगंज स्थित इमामबाड़ा मीरन साहब में आयोजित यौम-ए-जैनुल आब्दीन में मजलिस को मौलाना हसन जहीर ने खिताब किया। इमामबाड़ा परिसर में हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत जैनुल आब्दीन की याद में शबीहों की जियारत कराई गई। जिसमें ताबूत, ऊंटों पर अमारियां, हजरत अब्बास की निशानी अलम और जुलजनाह शामिल था जो कर्बला का मंजर पेश कर रहा था।
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बच्चों ने याद दिलाई जनाबे सकीना की प्यास
दरगाह हजरत अब्बास और इमामबाड़ा मीरन साहब में जुलूस के दौरान छोटे-छोटे बच्चे अपने हाथों में मट्टी के खाली कूजे अपने सरों पर रखे अम्मूजान अल-अतश-अम्मूजान अल-अतश सारे बच्चे प्यासे हैं की सदाएं बुलंद कर रहे थे। उनकी सदाएं हजरत इमाम हुसैन की चार साल की बेटी जनाबे सकीना सहित हुसैनी खेमे के प्यासे बच्चों की याद दिला रही थीं।
कर्बला के शहीदों को खून से दिया पुरसा
दरगाह हजरत अब्बास और इमामबाड़ा मीरन साहब में अजादारों ने जंजीर यानि छुरियों व कमा का मातम कर कर्बला के शहीदों को अपने खून का पुरसा दिया। वहीं, तमाम लोगों ने हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर की शहादत को याद कर अपने बच्चों के कमा लगवाई।
हजरत जैनब की कुर्बानियों को किया याद
इमामबाड़ा गुफरानमआब में यौमे जैनब का आयोजन कर हजरत इमाम हुसैन की बहन जनाबे जैनब की कुर्बानियों और उन पर हुए जुल्म को याद किया गया। यहां पर मजलिस को मौलाना कल्बे जव्वाद ने खिताब किया। अंजुमन गुंच-ए-मजलूमिया ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर उन्हें पुरसा दिया। वहीं, वजीरबाग स्थित मस्जिद वक्फ खुर्रम बख्त (जिन्नातों वाली मस्जिद) में मजलिस को मौलाना अख्तर हुसैन ने खिताब किया।
कर्बला के शहीदों का तीजा आज
कर्बला के शहीदों का तीजा मंगलवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर घरों में नज्र का आयोजन किया जाएगा। हुसैनाबाद स्थित लंगरखाना में दोपहर 3 बजे मजलिस होगी। टिकैत राय तालाब स्थित रौजा ए जैनबिया में दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तीन मजलिसों होंगी। इसके बाद दफ्न ए शुहदा का मंजर पेश होगा। इमामबाड़ा कसरे हुसैनी में शाम 5 बजे और इमामबाड़ा लाडो खानम में शाम 7.30 बजे मजलिस होगी।