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Lucknow News: राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग के लिए चले कार्यक्रम
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एरा विश्वविद्यालय में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम
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40 वर्ष की आयु पार कर चुकी महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफी टेस्ट अवश्य कराना चाहिए। यह जांच स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में सहायक है, जिससे जान बचाने की शत-प्रतिशत संभावना रहती है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तरपर स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाना चाहिए। एरा विश्वविद्यालय में आयोजित कैंसर जागरुकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी।
एरा विश्वविद्यालय की प्रो-वीसी प्रो. फरजाना महदी ने कहा कि देश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें स्तन कैंसर के 30 लाख नए केस हर साल सामने आते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 40 वर्ष की आयु पार कर चुकी महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफी टेस्ट अवश्य कराना चाहिए। यह जांच स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में सहायक है, जिससे जान बचाने की शत-प्रतिशत संभावना रहती है। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. फराह अरशद ने बताया कि जीवनशैली में सुधार, पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और नशे से दूरी कैंसर से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई महिलाएं स्तन कैंसर के लक्षणों को अनदेखा करती हैं और स्थानीय स्तर पर इलाज कराने की कोशिश करती हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है और इलाज मुश्किल हो जाता है। उन्होंने देश में राष्ट्रीय स्क्रीनिंग प्रोग्राम की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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एरा विश्वविद्यालय की प्रो-वीसी प्रो. फरजाना महदी ने कहा कि देश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें स्तन कैंसर के 30 लाख नए केस हर साल सामने आते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 40 वर्ष की आयु पार कर चुकी महिलाओं को साल में एक बार मैमोग्राफी टेस्ट अवश्य कराना चाहिए। यह जांच स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाने में सहायक है, जिससे जान बचाने की शत-प्रतिशत संभावना रहती है। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. फराह अरशद ने बताया कि जीवनशैली में सुधार, पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और नशे से दूरी कैंसर से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई महिलाएं स्तन कैंसर के लक्षणों को अनदेखा करती हैं और स्थानीय स्तर पर इलाज कराने की कोशिश करती हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है और इलाज मुश्किल हो जाता है। उन्होंने देश में राष्ट्रीय स्क्रीनिंग प्रोग्राम की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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