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डीजल के साथ इंजन के पार्ट भी हो रहे थे चोरी, क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में नए सुराग लग रहे हाथ
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डीजल शेड से सिर्फ डीजल ही नहीं, बल्कि इंजन के पार्ट भी पार किए जा रहे थे। क्राइम ब्रांच की जांच में पीतल, तांबे के साथ-साथ चांदी के महंगे पार्ट चोरी होने के सुराग भी हाथ लगे हैं।
बीती 28 जुलाई को उत्तर रेलवे के आलमबाग स्थित डीजल शेड में इंडियन ऑयल डिपो अमौसी से आने वाले दो डीजल टैंकरों में से एक टैंकर को चीफ लोको इंस्पेक्टर बीएस मीणा ने पार कर दिया था। आरपीएफ ने इस मामले में खलासी दिलनवाज, ड्राइवर नीरज सिंह, क्लीनर अभिमान सिंह तथा ट्रक संचालक एवं कमलेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। आरपीएफ ने सीएलआई बीएस मीणा तथा चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। चार रेलवे अफसरों व दो रेलवे यूनियन नेताओं के नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वहीं क्राइम ब्रांच की ओर से रिकॉर्डों के मिलान व पूछताछ से चोरी के नए-नए मामले भी सामने आ रहे हैं।
इंजन में लगते हैं चांदी केपार्ट
डीजल शेड में रेलवे इंजनों की मरम्मत होती है। इंजनों में पीतल, तांबे ही नहीं, बल्कि चांदी केकुछ पार्ट भी लगते हैं जो कंडक्टर की तरह काम करते हैं। चूंकि, शेड बेहद बड़े हैं। लिहाजा वहां निगरानी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने की वजह से इंजन पार्ट व धातु गायब कर दी जाती है। क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान पार्ट चोरी होने के सबूत भी जुटाए हैं, जो उत्तर रेलवे मुख्यालय से साझा किए जाएंगे।
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आरोपियों से मिलने जाने वालों की निगरानी
डीजल चोरी करने वाले आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। क्राइम ब्रांच के अफसर उन लोगों पर भी नजर रख रही है, जो इन आरोपियों से मिलने जेल जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इससे तेल चोरी के खेल में नए तथ्य सामने आएंगे।
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बीती 28 जुलाई को उत्तर रेलवे के आलमबाग स्थित डीजल शेड में इंडियन ऑयल डिपो अमौसी से आने वाले दो डीजल टैंकरों में से एक टैंकर को चीफ लोको इंस्पेक्टर बीएस मीणा ने पार कर दिया था। आरपीएफ ने इस मामले में खलासी दिलनवाज, ड्राइवर नीरज सिंह, क्लीनर अभिमान सिंह तथा ट्रक संचालक एवं कमलेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। आरपीएफ ने सीएलआई बीएस मीणा तथा चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। चार रेलवे अफसरों व दो रेलवे यूनियन नेताओं के नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वहीं क्राइम ब्रांच की ओर से रिकॉर्डों के मिलान व पूछताछ से चोरी के नए-नए मामले भी सामने आ रहे हैं।
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इंजन में लगते हैं चांदी केपार्ट
डीजल शेड में रेलवे इंजनों की मरम्मत होती है। इंजनों में पीतल, तांबे ही नहीं, बल्कि चांदी केकुछ पार्ट भी लगते हैं जो कंडक्टर की तरह काम करते हैं। चूंकि, शेड बेहद बड़े हैं। लिहाजा वहां निगरानी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने की वजह से इंजन पार्ट व धातु गायब कर दी जाती है। क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान पार्ट चोरी होने के सबूत भी जुटाए हैं, जो उत्तर रेलवे मुख्यालय से साझा किए जाएंगे।
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आरोपियों से मिलने जाने वालों की निगरानी
डीजल चोरी करने वाले आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। क्राइम ब्रांच के अफसर उन लोगों पर भी नजर रख रही है, जो इन आरोपियों से मिलने जेल जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इससे तेल चोरी के खेल में नए तथ्य सामने आएंगे।